फूलपुर पुलिस की कार्रवाई में विभिन्न न्यायालयों के पांच वारंटी गिरफ्तार, न्यायालय में किया गया पेश

आजमगढ़। जनपद में अपराधियों और फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत फूलपुर थाना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए विभिन्न न्यायालयों से जारी वारंटों के अनुपालन में पांच वारंटियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार सभी आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराध एवं वारंटियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक थाना फूलपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बुधवार को अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पांच वारंटियों को गिरफ्तार किया।कार्रवाई के दौरान विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट, आजमगढ़ से जारी वारंट के अनुपालन में ग्राम टेऊँगा निवासी रामनाथ नोना चमार, दुल्ली नोना चमार तथा वीरेन्द्र कुमार नोना चमार को गिरफ्तार किया गया। वहीं एसीजेएम कोर्ट संख्या-11, आजमगढ़ से जारी वारंट के आधार पर कनेरी मिट्टा का पुर निवासी जयचन्द तथा कस्बा फूलपुर निवासी सुरेन्द्र कुमार मौर्य को उनके घरों के बाहर से हिरासत में लिया गया।read more:https://khabarentertainment.in/excise-department-raids-dhabas/लिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया। पूछताछ में सभी वारंटियों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया और कहा कि वे अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें संबंधित न्यायालय में पेश कर दिया। इस अभियान में वरिष्ठ उपनिरीक्षक विजय सिंह गौंड, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवनीत सिंह, उपनिरीक्षक कमालुद्दीन, हेड कांस्टेबल राजीव कुमार यादव, हेड कांस्टेबल नन्दलाल सिंह, कांस्टेबल अश्वनी कुमार, रोहित शर्मा, रिक्रूट कांस्टेबल कृष्ण कुमार यादव, कांस्टेबल शिवम शर्मा, सौरभ कुमार तथा आदेश कुमार यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अभियुक्तों और न्यायालय से जारी वारंटों के अनुपालन में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके तथा न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित हो।

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