बिजनौर। कोतवाली शहर पुलिस व स्वाट/सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर समझौते के नाम पर धनराशि मांगने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह लोगों के आपसी विवाद, पुरानी रंजिश और अन्य मामलों की जानकारी जुटाकर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था और फिर मुकदमे में समझौता कराने के नाम पर दबाव बनाकर धनराशि की मांग करता था।पुलिस के अनुसार जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुंती और प्रीति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ कोतवाली शहर में मुकदमा अपराध संख्या 706/2026, धारा 61(2)/308(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस प्रकरण से संबंधित आरोपियों के खिलाफ थाना नहटौर में भी मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/
ऐसे सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक छह सितंबर को मोहम्मद अहसान पुत्र अल्लादिया, निवासी मोहल्ला काजीपाड़ा, उमर कालोनी बिजनौर ने कोतवाली शहर में तहरीर दी थी। तहरीर में उसने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने तथा मुकदमा वापस लेने के लिए धनराशि की मांग की।तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। विवेचनात्मक कार्रवाई और संकलित साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपियों के एक संगठित गिरोह के रूप में काम करने की जानकारी मिली।
महिलाओं के जरिए दर्ज कराते थे मुकदमे
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा गिरोह का संचालन करता था। गिरोह में अफजाल, गुड्डी, कुंती, प्रीति समेत अन्य सहयोगी शामिल थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह विभिन्न लोगों के आपसी विवाद, पुरानी रंजिश और अन्य मामलों की जानकारी हासिल कर संबंधित व्यक्तियों पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाता था।आरोप है कि संबंधित महिलाओं और अन्य सहयोगियों के माध्यम से अलग-अलग थानों एवं जनपदों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए जाते थे। इसके बाद मुकदमे में समझौता कराने के नाम पर संबंधित लोगों से धनराशि तथा अन्य अनुचित लाभ की मांग की जाती थी। मांग पूरी न होने पर मुकदमे को आगे बढ़ाने और कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाया जाता था।
कई मुकदमों में सामने आई गिरोह की भूमिका
पुलिस ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में जांच के दौरान सामने आए कई मुकदमों और मामलों का उल्लेख किया है। इनमें थाना हसनपुर, रहरा, हीमपुर दीपा, मंडावली, नहटौर, स्योहारा तथा जनपद अमरोहा से जुड़े मामले शामिल हैं। कुछ मामलों में पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराएं भी लगाई गई थीं।पुलिस के अनुसार जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर लोगों पर दबाव बनाकर कथित रूप से अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से मुकदमे दर्ज कराने की गतिविधियां की जाती थीं।
मुख्य आरोपी पर पहले से कई मुकदमे
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपी जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा के खिलाफ बिजनौर सहित अन्य थानों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कोतवाली शहर बिजनौर और किरतपुर थाने के मुकदमे शामिल हैं। पुलिस ने उसके पूर्व आपराधिक इतिहास में गंभीर धाराओं से संबंधित मुकदमों का भी उल्लेख किया है।पांच आरोपी गिरफ्तार कोतवाली शहर पुलिस ने सात सितंबर को कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी
जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, पुत्र अय्यूब, निवासी चांदपुर चुंगी, जंगली कालोनी, थाना कोतवाली शहर, बिजनौर।अफजाल, पुत्र कुर्बान, निवासी भागूवाला, थाना मंडावली, बिजनौर।गुड्डी, पत्नी मुलचंद, निवासी लाड़पुरा, थाना कोतवाली नगर, बिजनौर।कुंती, पत्नी ओमप्रकाश, निवासी मोहल्ला कस्बान, बी-2, थाना कोतवाली नगर, बिजनौर।प्रीति, पत्नी वीरेंद्र, निवासी अंकित, कोतवाली नगर, बिजनौर।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
स्वाट टीम प्रभारी निरीक्षक सचिन मलिक,थानाध्यक्ष बिजनौर अवनीत मान ,उप निरीक्षक शौकत अली, उप निरीक्षक विपिन डेढा,महिला उप निरीक्षक ममता,हैड कांस्टेबल जोगिन्द्र कुमार,कांस्टेबल दिलशाद चौधरी, अचिन, आकाश ,विशाल तोमर,मोनू, अक्षय कुमार , गौरव कुमार, हिमांशु कुमार, राहुल कुमार,महिला कांस्टेबल भारती, काजल , सृष्टि आदि शामिल रहे ।