(बलरामपुर) जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विकास खंड बलरामपुर की ग्राम पंचायत बलुआ बलुई का स्थलीय भ्रमण कर ग्राम पंचायत में संचालित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने गांव का भ्रमण करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद किया तथा उन्हें मिल रही सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।जिलाधिकारी ने गांव के भीतर संपर्क मार्गों की स्थिति एवं जलनिकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे जलभराव जैसी समस्या उत्पन्न न हो।इसके उपरांत जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया। उन्होंने पंचायत सचिवालय के माध्यम से ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पंचायत सहायक उपस्थित मिलीं। जिलाधिकारी ने जाति, निवास, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों के आवेदन एवं उनसे संबंधित सुविधाएं ग्राम स्तर पर ही सुगमता से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवालय को ग्रामीणों के लिए प्रभावी सुविधा केंद्र के रूप में संचालित किया जाए, जिससे आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें अनावश्यक रूप से ब्लॉक अथवा जिला मुख्यालय न जाना पड़े।जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत में स्थापित आरआरसी सेंटर (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) की क्रियाशीलता का भी जायजा लिया तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने ई-रिक्शा के माध्यम से संचालित डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जानकारी लेते हुए इसे नियमित एवं प्रभावी रूप से संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कूड़ा संग्रह सुनिश्चित किया जाए तथा इसके लिए निर्धारित प्रति माह ₹30 प्रति परिवार उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह की व्यवस्था भी सुव्यवस्थित ढंग से की जाए।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/आरआरसी सेंटर का समुचित उपयोग करते हुए ग्राम पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए।भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था का जायजा लिया तथा संबंधित कार्मिकों को शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।ग्राम पंचायत में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि पंचायत निधि से नए विकास कार्य प्रारंभ नहीं किए गए हैं। इस पर उन्होंने पंचायत सचिव अजय यादव को कड़ी फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत की आवश्यकताओं एवं ग्रामीणों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लिए गए विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए तथा उपलब्ध पंचायत निधि का नियमानुसार सदुपयोग करते हुए गांव में गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएं।जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, साफ-सफाई, बेहतर संपर्क मार्ग, जलनिकासी, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा पंचायत सचिवालय के माध्यम से आवश्यक सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए तथा सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।इस दौरान जिला विकास अधिकारी श्री कमलेश सोनी, खंड विकास अधिकारी बलरामपुर श्री संजय कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।