सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्क्रैप लदे ट्रक को कब्जे में लेकर मिर्जापुर ले जाने, स्क्रैप बेचने और ट्रक को कटवाने के मामले का खुलासा करते हुए मिर्जापुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और कबाड़ गोदाम से 5 लाख रूपये नकद, करीब 15 लाख कीमत के ट्रक के कटे कल-पुर्जे व अवशेष, चार मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की बाइक बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामदगी की कुल अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रूपये है। पुलिस के मुताबिक 9 सितंबर को बरगवां, सिंगरौली से 24 टन 900 किलोग्राम स्क्रैप आयरन ट्रक संख्या यूपी 62 टी 9881 से महामाया स्पात कंपनी, चुनार भेजा गया था। 10 सितंबर की सुबह लोढ़ी टोल प्लाजा के पास चालक को कथित तौर पर ट्रक से उतारकर 500 रूपये देकर वाराणसी भेज दिया गया और इसके बाद स्क्रैप लदा ट्रक गायब कर दिया गया। मामले में 12 सितंबर को ब्रह्मप्रसाद पाण्डेय की तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने ब्क्त्ध्ैक्त्, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और ट्रक के संभावित मार्गों की पड़ताल की। जांच में नीरज यादव और उमाकान्त यादव की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस टीम मिर्जापुर स्थित एक कबाड़ गोदाम तक पहुंची।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/19 सितंबर को पीएसी 39वीं वाहिनी गेट नंबर-02 के सामने स्थित कबाड़/स्क्रैप गोदाम पर दबिश देकर धीरज यादव निवासी घमहापुर, थाना विंध्याचल, मिर्जापुर, भरत लाल उर्फ बल्ला साहू निवासी सेमरा बैसुखिया, थाना कोतवाली देहात, मिर्जापुर और आकाश गुप्ता निवासी रेवड़ा परसपुर, थाना कोतवाली, भदोही को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार भरत लाल के कब्जे से 4 लाख रूपये, धीरज यादव से 50 हजार रूपये और आकाश गुप्ता से 50 हजार रूपये बरामद हुए। मौके से ट्रक के कटे हुए विभिन्न हिस्से और अवशेष भी बरामद किए गए, जिनकी वाहन स्वामी ने उपलब्ध पहचान चिन्हों के आधार पर पहचान की। विवेचना और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2), 317(5) एवं 61(2)(क) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में भरत लाल ने बताया कि 11 सितंबर को नीरज यादव और उमाकान्त यादव ट्रक लेकर उसके पास पहुंचे थे। स्क्रैप खरीदने और ट्रक कटवाने को लेकर बातचीत के बाद कथित तौर पर स्क्रैप खरीदा गया और ट्रक को कटवा दिया गया। वहीं धीरज यादव ने नीरज यादव को अपना छोटा भाई तथा उमाकान्त यादव को रिश्तेदार बताया। पुलिस के अनुसार उसने नीरज और उमाकान्त के साथ मिलकर ट्रक हासिल करने की योजना बनाए जाने की जानकारी दी। आकाश गुप्ता ने स्क्रैप और लोहे के कारोबार से जुड़े होने की बात बताते हुए 14 सितंबर को उक्त स्क्रैप खरीदने और बाद में गलाने के लिए भेजे जाने की जानकारी दी। पुलिस ने चारों मोबाइल फोन को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लेकर उनमें मौजूद संपर्क, बातचीत और अन्य इलेक्ट्रॉनिक तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार नीरज यादव, उमाकान्त यादव समेत अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।