लखनऊ। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले ऊर्जावान कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के कार्यकाल के सफलतापूर्वक पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरूवार को परिसर के ‘वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई सभागार’ में विशेष समारोह का आयोजन किया गया। ‘सफर शिखर तक – शानदार पाँच साल (2021-2026)’ की थीम पर आधारित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की हालिया ऐतिहासिक उपलब्धियों का उत्सव मनाने का शानदार मंच बना।समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के पांच साल के कार्यकाल का उल्लेख किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय की नई बुलंदी व नवाचार को प्रमुख रूप से उल्लेखित किया गया । विश्वविद्यालय को प्रो.पाठक के मागदर्शन में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा सर्वोच्च ‘A++’ ग्रेड प्राप्त हुआ था । इसके साथ ही, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भी इसे ‘श्रेणी-1’ (Category-1) विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान किया है। यह समारोह केवल एक व्यक्ति के कार्यकाल का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उन सामूहिक प्रयासों का परिणाम है जिन्होंने इस राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाई है।read more:https://pahaltoday.com/50-thousand-devotees-performed-darshan-and-puja-at-gadbadra-dham/ जिसमें कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक की अहम भूमिका रही हैं। इस पूरी सफलता के पीछे प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के सतत मार्गदर्शन, शिक्षा के प्रति उनके विजन और कड़े अनुशासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। साल 2021 में जब प्रो. विनय कुमार पाठक ने कुलपति का पदभार संभाला था, तब से लेकर 2026 तक की यात्रा को ‘सफर शिखर तक’ नाम देना पूरी तरह से न्यायसंगत है। इन पांच वर्षों में विश्वविद्यालय ने कई मोर्चों पर अभूतपूर्व कार्य किए हैं। इसके साथ ही अकादमिक सुधार और नवाचार में पुरानी शिक्षा पद्धति को आधुनिक बनाते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को पूरी तरह और प्रभावी ढंग से लागू किया गया। इसके साथ ही छात्रों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए व्यवस्थाओं को पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया। डिग्रियों और मार्कशीट के वितरण में जो तेजी इन पांच सालों में आई है, उसकी पूरे प्रदेश में मिसाल दी जाती है। समारोह में स्पष्ट किया कि ‘शानदार पाँच साल’ का यह जश्न किसी मंजिल का अंत नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत है। NAAC A++ की उपलब्धि ने विश्वविद्यालय की जिम्मेदारियों को और बढ़ा दिया है। अब लक्ष्य वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष विश्वविद्यालयों में जगह बनाना और कानपुर के इस ऐतिहासिक विश्वविद्यालय को दुनिया भर के छात्रों के लिए शोध और शिक्षा का सबसे पसंदीदा केंद्र बनाना है। इस समारोह में विवि के प्रति-कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्र, कार्य परिषद के सदस्य डॉ.उमेश पालीवाल, सीए नीतू सिंह, कालेज विकास परिषद प्रो.राजेश कुमार द्विवेदी,वित्त अधिकारी अशोक त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, कूटा के अध्यक्ष प्रो.बीड़ी पांडेय, डीन एकेडमिक्स प्रो.बृष्टि मित्रा, डीन रीसर्च डॉ. नमिता तिवारी, डीएसडब्लू डॉ.अंशु यादव, डीन प्रोजेक्ट डॉ अनुराधा कलानी, डीन प्रशासन प्रो.नीरज कुमार विवि के मीडिया प्रभारी डॉ.दिवाकर अवस्थी समेत सभी संकायों के विभागाध्यक्ष,शिक्षक और कर्मचारी काफी संख्या में मौजूद रहे।