शेरकोट । नगर के मोहल्ला समनासराय स्थित शिव मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथाव्यास आचार्य हनु भारद्वाज ने वामन अवतार का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि वामन कथा अहंकार के अंत और भक्ति की विजय का संदेश देती है।कथाव्यास ने कहा कि असुरराज बलि के प्रभाव से जब तीनों लोक उसके अधीन हो गए तो देवताओं ने भगवान विष्णु से रक्षा की प्रार्थना की। तब भगवान ने वामन अवतार लेकर धर्म की स्थापना की। ब्राह्मण बालक के रूप में वामन भगवान ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/वचनबद्ध राजा बलि ने दान स्वीकार कर लिया।उन्होंने बताया कि भगवान ने विराट रूप धारण कर एक पग में पृथ्वी और दूसरे पग में स्वर्ग लोक नाप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न बचने पर राजा बलि ने अपना सिर भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए समय-समय पर अवतार लेते हैं। कथा के दौरान जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा।इस अवसर पर मुकेश सैनी, तरुण सैनी, मोनू त्यागी, रणजीत सिंह उर्फ दारा, शीला त्यागी, सुषमा, ललिता, आनंदी, रेशू, काजल, चमनो, आशू, दया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।