नितिन गुप्ता| प्रणव कुमार दिल्ली छात्र संघ चुनाव की सरगर्मियों के बीच संगठन और विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर प्रत्याशी मैदान में उतर चुके है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से सचिव पद के प्रत्याशी कौशिक राय (बैलेट नंबर 01) से हमारी टीम ने परिसर की प्राथमिकताओं और उनकी चुनावी रणनीति पर खास बातचीत की। प्रस्तुत हैं साक्षात्कार के प्रमुख अंश:
प्रश्न 1: कौशिक जी, सबसे पहले हमारे पाठकों को अपना परिचय दें और इस चुनाव में उतरने का मुख्य उद्देश्य बताए।
कौशिक राय: मैं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का कार्यकर्ता हूँ और इस बार सचिव पद के लिए प्रत्याशी के रूप में आपके सामने हूँ। मेरा मुख्य उद्देश्य परिसर में आम विद्यार्थियों की समस्याओं को मजबूती से उठाना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मैं चाहता हूँ कि हर छात्र की बात सुनी जाए और उसकी प्रशासनिक जरूरतों को प्राथमिकता मिले।
प्रश्न 2: आपने सचिव पद की ही जिम्मेदारी संभालने का निर्णय क्यों लिया?
कौशिक राय: विद्यार्थी जीवन केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं होता। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण, बुनियादी सुविधाएं, पारदर्शी व्यवस्था और परिसर में सुरक्षा जैसे विषय बेहद महत्वपूर्ण है। सचिव पद प्रशासनिक तंत्र और विद्यार्थियों के बीच एक सेतु का काम करता है। इसी भूमिका के जरिए छात्रों के अधिकारों के लिए सक्रियता से काम करने के उद्देश्य से मैं मैदान में उतरा हूँ।
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प्रश्न 3: यदि छात्र आपको अपना प्रतिनिधि चुनते है, तो आपकी पहली प्राथमिकता क्या होगी?
कौशिक राय: मेरी पहली प्राथमिकता विद्यार्थियों की समस्याओं का एक पारदर्शी और व्यवस्थित समाधान ढांचा तैयार करना होगी। इसके तहत छात्रों से नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा, उनकी शिकायतों को कॉलेज प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा और जब तक समाधान नहीं हो जाता, तब तक उस पर लगातार फॉलो-अप लिया जाएगा।
प्रश्न 4: परिसर में कई उम्मीदवार हैं; विद्यार्थी आपकी उम्मीदवारी पर भरोसा क्यों करे?
कौशिक राय: प्रतिनिधित्व केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का अटूट संकल्प है। मैं चुनावों तक सीमित रहने वाला चेहरा नहीं हूँ, बल्कि हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के बीच रहकर काम करने पर विश्वास रखता हूँ। मेरी निरंतर सक्रियता और उपलब्धता ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।
प्रश्न 5: एबीवीपी के साथ आपके अनुभव ने एक छात्र नेता के रूप में आपको कैसे गढ़ा है?
कौशिक राय: एबीवीपी ने मुझे अनुशासन, संगठनात्मक क्षमता और निस्वार्थ भाव से छात्रहित में कार्य करना सिखाया है। इस संगठन से जुड़कर मुझे यह समझ में आया कि किसी भी जटिल समस्या का समाधान सकारात्मक संवाद और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
प्रश्न 6: चुनाव जीतने के बाद छात्रों के साथ आपका संवाद कैसा रहेगा?
कौशिक राय: मेरे लिए पद कोई लक्ष्य नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। चुनाव जीतने के बाद भी मेरा संवाद और उपलब्धता वैसी ही रहेगी जैसी आज है। छात्रों का विश्वास ही मेरी वास्तविक ताकत है और मैं इसे कभी कमजोर नहीं होने दूंगा।
प्रश्न 7: अंत में, आप मतदाता विद्यार्थियों से क्या अपील करना चाहेंगे?
कौशिक राय: मैं सभी सम्मानित छात्र-छात्राओं से अपील करता हूँ कि वे अपने मत का प्रयोग विचार-विमर्श करके करें। यदि आपको लगता है कि आपकी आवाज को निडरता और मजबूती से उठाने वाला प्रतिनिधि चाहिए, तो बैलेट नंबर 01 पर एबीवीपी के पक्ष में अपना अमूल्य वोट देकर मुझे सचिव पद पर सेवा करने का अवसर दें।