नई दिल्ली, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा तथा भाजपा नेता एवं पार्षद पंकज लूथरा सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्वच्छता ही सेवा अभियान में योगदान दिया। विद्यार्थियों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से स्वच्छ भारत, हरित पर्यावरण और नागरिक कर्तव्य का संदेश दिया। इस मौके पर महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने स्वच्छता को स्वस्थ जीवन और अनुशासित समाज का आधार बताते हुए कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिसर, घर और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित रूप से प्रयास करने का आह्वान किया।उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ भारत का निर्माण जनभागीदारी से ही संभव है। प्रत्येक नागरिक को अपने आस-पास साफ-सफाई बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को स्वच्छता अभियान का महत्वपूर्ण आधार बताया।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने स्वच्छता, नागरिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बताते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत बनाने और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।भाजपा नेता एवं पार्षद पंकज लूथरा ने कहा कि स्वच्छ मोहल्ले और स्वच्छ शहर के निर्माण के लिए नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच सहयोग आवश्यक है उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता के संदेश को अपने परिवार और आसपास के समुदायों तक पहुंचाने का आह्वान किया। महात्मा गांधी ने स्वच्छता को अपने जीवन और विचारों में विशेष स्थान दिया था। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह अभियान उनके स्वच्छता संबंधी विचारों को व्यवहार में अपनाने की प्रेरणा देता है। वहीं, डॉ. भीमराव अम्बेडकर के समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय के विचार एक ऐसे समाज के निर्माण की प्रेरणा देते है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिले।कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि युवा पीढ़ी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पोस्टरों और नारों के माध्यम से लोगों को कचरे का उचित निस्तारण करने, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर अपनाई जाने वाली जीवनशैली है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ परिसर, स्वच्छ समाज और हरित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है।