ललितपुर- स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, ललितपुर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर एक जागरूकता एवं अकादमिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मलेरिया की रोकथाम, नियंत्रण, समय पर निदान एवं उपचार तथा जनसामान्य में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना था।read more:https://pahaltoday.com/president-murmu-on-five-day-visit-to-himachal-security-arrangements-tightened-in-the-state/
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के माननीय प्राचार्य डॉ. मयंक कुमार शुक्ला के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “मलेरिया एक रोके जाने योग्य एवं उपचार योग्य रोग है, और इसके उन्मूलन के लिए जनभागीदारी, स्वच्छता एवं जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. रवि पचौरी, विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा, ने अपने उद्बोधन में “मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण विषय पर प्रकाश डालते हुए मच्छरजनित रोगों से बचाव हेतु सामुदायिक सहभागिता, स्वच्छ परिवेश तथा नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न संकाय सदस्यों द्वारा निम्नलिखित विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए:
डॉ. मनोज सोनी, सहायक आचार्य, सामुदायिक चिकित्सा
मलेरिया का जनस्वास्थ्य महत्व एवं रोकथाम
डॉ. सूरवीर सिंह, सहायक आचार्य, सामुदायिक चिकित्सा
मच्छरजनित रोगों की रोकथाम में सामुदायिक भूमिका
डॉ. प्रद्युम्न वर्मा, सहायक आचार्य, सामुदायिक चिकित्सा
डॉ. दिव्या स्वामी, सहायक आचार्य, सामुदायिक चिकित्सा
संवेदनशील समूहों (गर्भवती एवं बच्चों) में मलेरिया नियंत्रण
डॉ. आशीष निरंजन, सहायक आचार्य, सामुदायिक चिकित्सा
स्वास्थ्य जागरूकता एवं मलेरिया उन्मूलन में जनसहभागिता
इस अवसर पर महाविद्यालय के संकाय सदस्य, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट, इंटर्न, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।