कानपुर देहात। जिला बार एसोसिएशनकानपुर देहात के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान अधिवक्ता ने बताया कि जनपद न्यायालय कानपुर देहात के नवीन न्यायालय भवन में वर्ष 2013 से न्यायिक कार्य संचालित हो रहे हैं। इस अवधि में महिला अधिवक्ताओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है किंतु उनके लिए अपेक्षित आधारभूत सुविधाओं का समुचित विकास अब तक नहीं हो सका है। इसी संबंध में जनपद न्यायाधीश कानपुर देहात के नाम संबोधित एक विस्तृत प्रार्थना-पत्र न्यायालय कार्यालय में विधिवत प्राप्त कराया गया है। जिसमें आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया गया है।जितेन्द्र चौहान ने बताया कि न्यायालय परिसर में आज भी महिला अधिवक्ताओं के लिए पृथक बार कक्ष विश्राम कक्ष सुरक्षित बैठने की समुचित व्यवस्था स्वच्छ शौचालय शुद्ध पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि न्यायालय केवल न्याय प्रदान करने का स्थान ही नहीं बल्कि संविधान की मूल भावनासमानता गरिमा एवं संवेदनशीलता का भी प्रतीक है। अतः महिला अधिवक्ताओं को गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाना समय की आवश्यकता है।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/उन्होंने बताया कि मातृत्व की अवस्था में कार्य करने वाली महिला अधिवक्ताओं तथा अपने छोटे बच्चों के साथ न्यायालय आने वाली अधिवक्ताओं के समक्ष विशेष व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं। वर्तमान में न्यायालय परिसर में ऐसा कोई पृथक एवं गोपनीय स्थान उपलब्ध नहीं है जहाँ वे अपने शिशु को स्तनपान करा सकें उसकी देखभाल कर सकें अथवा आवश्यक विश्राम कर सकें। इस दृष्टि से मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्ष की स्थापना भी अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने बताया कि प्रार्थना-पत्र में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 15(3), 21 39(ई) 39(एफ) एवं 42 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि महिलाओं की गरिमा समान अवसर मातृत्व संरक्षण तथा मानवीय कार्य परिस्थितियाँ संविधान की मूल भावना का अभिन्न अंग हैं। न्यायपालिका इन संवैधानिक मूल्यों की संरक्षक है इसलिए न्यायालय परिसर में महिला अधिवक्ताओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास न्यायिक प्रशासन की संवेदनशीलता एवं दूरदर्शिता का प्रमाण होगा।प्रार्थना-पत्र में महिला अधिवक्ताओं के लिए पृथक बार कक्ष विश्राम कक्ष मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्ष सुरक्षित बैठने की व्यवस्था स्वच्छ शौचालय शुद्ध पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही यदि इन सुविधाओं के सृजन हेतु माननीय उच्च न्यायालय अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति अपेक्षित हो तो आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित किए जाने का भी अनुरोध किया गया है।इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव चौधरी ने कहा कि किसी भी न्यायालय की गरिमा केवल उसके भवनों से नहीं बल्कि वहाँ कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्राप्त सम्मान और सुविधाओं से बढ़ती है। महिला अधिवक्ताओं के लिए गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना न्यायपालिका की संवेदनशीलता और संविधान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का परिचायक होगा।इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री नरेन्द्र सिंह सेंगर संयुक्त उपाध्यक्ष सुभाष चन्द्र मंत्री जय गोपाल राजपूत मंत्री रईस अहमद मंत्री प्रमोद नायक पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव चौधरी पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश चन्द्र सिंह गौर सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।