जनपद गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के दिल्ली एनसीआर कैंपस स्थित ईश्वरी ऑडिटोरियम में शिक्षक दिवस 2026 का उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण,संस्थान के विकास तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई। यह कार्यक्रम ऑनरइंग द गुरुस हु इन्स्पायर जनरेशंस ” की भावना के साथ आयोजित किया गया,जो शिक्षकों की समर्पण भावना,प्रतिबद्धता
तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को समर्पित रहा।यह कार्यक्रम डॉ.एस.विश्वनाथन,निदेशक, एसआरएम तथा डॉ.आर.पी. महापात्रा,डीन,एसआरएम की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के पश्चात किया गया जो भारतीय परंपरा एवं सम्मान का प्रतीक रहा।इस अवसर पर डॉ.निरंजन लाल,डिप्टी एचओ डी,कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग,ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं शिक्षकों का हार्दिक स्वागत किया।इस दौरान ऑनरइंग द गुरुस हु इन्स्पायर जनरेशन्स नामक विशेष सत्र आयोजित किया गया,जिसके माध्यम से शिक्षकों की निरंतर मेहनत एवं योगदान को सम्मानित किया गया।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/जिसके बाद “बिहाइंड एवरी सक्सेज,ए डेडिकेटेड टीचर”विषय पर डॉ. गौर सी.साहा,प्रोफेसर, फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट,ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।समारोह में एक आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की गई,जिसने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का संचार किया।डॉ.आर.पी. महापात्रा,डीन,ने“टीचिंग विथ हार्ट,लीडिंग बाय एक्ज़ाम्पल ”विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये।उन्होंने शिक्षण कार्य में संवेदनशीलता,नैतिकता,नेतृत्व,अनुशासन तथा प्रतिबद्धता के महत्व पर प्रकाश डाला।इसके पश्चात“रिकॉग्नाइजिंग रेलेंटलेस कमिटमेंट टू टीचिंग ” के माध्यम से शिक्षकों के निरंतर समर्पण और उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों को समर्पित सांस्कृतिक प्रस्तुति तथा फ़न गैम्स फ़िएस्टा का भी आयोजन किया गया, जिसने समारोह को और अधिक जीवंत एवं मनोरंजक बनाया।इस अवसर पर इंस्टिट्यूट निदेशक डॉ.एस.विश्वनाथन द्वारा “टीचर्ज़:द ट्रू नेशन-बिल्डर्स”विषय पर अपने विचार विस्तार से प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं होते,बल्कि वे जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करते हैं, विद्यार्थियों में नवाचार एवं नेतृत्व की भावना विकसित करते हैं तथा राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम का समापन डॉ. सनी गुप्ता,असिस्टेंट प्रोफेसर,फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट,द्वारा सभी उपस्थित जनों के प्रति आभार ज्ञापित किया गया।शिक्षक दिवस का यह आयोजन भारतीय गुरु शिष्य परंपरा के मूल्यों को भी प्रतिबिंबित करता रहा,जिसमें शिक्षा को केवल ज्ञान के हस्तांतरण तक सीमित न मानकर चरित्र निर्माण, संस्कार,विवेक,जीवन-मूल्यों और समग्र व्यक्तित्व विकास का माध्यम माना गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।