गोरखपुर/महराजगंज। महराजगंज की 315, फरेंदा विधानसभा सीट पर वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी से तेज होने लगी हैं। सरकारी सेवा से किनारा कर जनता के बीच रहकर उनकी सेवा करने का संकल्प लेने वाले डॉ. निशांत त्रिपाठी की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से हुई मुलाकात ने क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। गोरखपुर में उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी से शिष्टाचार भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
यह महत्वपूर्ण मुलाकात निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के आवास पर हुई। इस दौरान पूर्व सांसद एवं निषाद पार्टी के नेता इंजीनियर प्रवीण निषाद भी मौजूद रहे। राजनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही इस मुलाकात के बाद फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में डॉ. निशांत त्रिपाठी की भावी राजनीतिक भूमिका को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।दरअसल, राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने वाले डॉ. निशांत त्रिपाठी ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर सार्वजनिक जीवन में उतरने और क्षेत्र की जनता के बीच रहकर काम करने का निर्णय लिया है।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/उनकी निगाहें अब फरेंदा विधानसभा सीट पर टिकी है। क्षेत्र में लगातार बढ़ती सक्रियता और लोगों के बीच बनती पहचान के चलते उनकी दावेदारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। उनकी संभावित प्रत्याशिता को क्षेत्र के कई स्थापित राजनीतिक चेहरों के लिए नई चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष के साथ हुई इस मुलाकात को महज औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसके अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। हालांकि इस मुलाकात के आधार पर किसी राजनीतिक समर्थन अथवा उम्मीदवारी को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी, लेकिन इतना तय है कि डॉ. निशांत त्रिपाठी ने फरेंदा की चुनावी राजनीति में अपनी मौजूदगी का एहसास कराना शुरू कर दिया है।फिलहाल डॉ. निशांत त्रिपाठी को निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद का सानिध्य प्राप्त है। ऐसे में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से उनकी मुलाकात और निषाद पार्टी के नेतृत्व से उनकी नजदीकी आने वाले दिनों में फरेंदा की सियासत में क्या नया समीकरण बनाती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। 2027 के चुनावी समर से पहले फरेंदा में राजनीतिक शतरंज की बिसात बिछने लगी है और डॉ. निशांत त्रिपाठी का नाम इस बदलते सियासी परिदृश्य में तेजी से उभर रहा है।