गोरखपुर: जनपद के कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास फोरलेन के निर्माण के बावजूद मोहरीपुर-सिहोरवा मार्ग से जुड़े ग्रामीण इलाकों की आवाजाही की समस्या दूर नहीं हो सकी है।मोहरीपुर-सिहोरवा मार्ग की चौड़ाई करीब सात मीटर बनाए जाने के बावजूद यहां सर्विस रोड की सुविधा नहीं होने से लोगों को आवागमन के लिए दो से तीन किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं,शेरपुर चमराह अंडरपास के समीप से टोल प्लाजा की ओर जाने वाला संपर्क मार्ग वर्षों से जर्जर और क्षतिग्रस्त पड़ा है।
जानकारी के अनुसार जर्जर सड़क पर जगह
-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और जलभराव होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों के गड्ढों में फंसने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार वाहन कीचड़ में फंस जाने पर उसे धक्का देकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। इस मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर है। इसी समस्या को लेकर शेरपुर चमराह गांव निवासी शैलेंद्र गुप्ता ने आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है।उनका कहना है कि सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में है लेकिन अब तक इसके स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि इसी क्षेत्र में आवासीय मकान भी स्थित हैं जिसके चलते स्थानीय परिवारों को रोजाना इस खराब रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
राहगीरों व ग्रामीणों का कहना है कि मोहरीपुर-
सिहोरवा मार्ग को चौड़ा तो किया गया लेकिन सर्विस रोड नहीं बनाए जाने से फोरलेन के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सीधी आवाजाही की सुविधा नहीं मिल पाई।उन्हें दूसरे रास्ते से घूमकर जाना पड़ता है जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि आईजीआरएस के माध्यम से की गई शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित जिम्मेदार विभाग मौके का निरीक्षण करे और शेरपुर चमराह अंडरपास से टोल प्लाजा की ओर जाने वाले जर्जर संपर्क मार्ग का निर्माण/पुनर्निर्माण कराने के साथ मोहरीपुर-सिहोरवा मार्ग पर आवश्यक सर्विस रोड की व्यवस्था करे।