स्वाइन फ्लू के पांच मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

बाराबंकी। जिले में स्वाइन फ्लू के पांच मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बुखार और जुकाम के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। गुरुवार को सुबह आठ बजे से दोपहर करीब एक बजे तक 100 से अधिक मरीज बुखार की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने स्वाइन फ्लू के लिए विशेष क्लीनिक भी शुरू कर दी है। गुरुवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की थी, जिन्हें तेज बुखार, जुकाम, गले में खराश और गला खराब होने की शिकायत थी। स्वाइन फ्लू के पांच मामलों की पुष्टि के बाद अस्पताल प्रशासन इन लक्षणों वाले मरीजों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि हर बुखार स्वाइन फ्लू नहीं होता, लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए लापरवाही से बचना जरूरी है। जिला अस्पताल में गुरुवार सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक बुखार से पीड़ित 100 से अधिक मरीज पहुंचे। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने से पंजीकरण और चिकित्सकों के कक्ष के बाहर भीड़ दिखाई दी। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेपी मौर्या ने बताया कि तेज बुखार, लगातार गले में खराश या गला खराब रहने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। समय पर जांच और उपचार से स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है। चिकित्सकों ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने और समय-समय पर साबुन से हाथ धोने की सलाह दी जा रही है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने तथा बीमार होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचने पर भी जोर दिया गया है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
जागरूकता की कमी बनी चुनौती
स्वाइन फ्लू के लक्षण और इससे बचाव को लेकर अभी भी लोगों में पर्याप्त जागरूकता नहीं है। सामान्य बुखार और स्वाइन फ्लू के लक्षणों को लेकर लोग अक्सर भ्रमित रहते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हर बुखार को स्वाइन फ्लू मानकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लगातार तेज बुखार या गले से संबंधित परेशानी होने पर इसे सामान्य समझकर टालना भी ठीक नहीं है। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना संक्रमण की स्थिति में सबसे सुरक्षित कदम है। स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट के बीच अब अस्पताल प्रशासन की निगाह ओपीडी में आने वाले मरीजों पर है। विशेष क्लीनिक के माध्यम से संदिग्ध मरीजों की पहचान और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह देने की व्यवस्था की गई है।
लक्षण दिखे तो रहें सतर्क
तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, नाक बहना या बंद होना, ठंड लगना, कंपकंपी, कभी-कभी उल्टी या दस्त, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। लक्षण दिखने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच कराए। चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
बचाव ही सबसे बड़ा हथियार
– खांसते छींकते समय नाक मुंह ढककर रखें
– हाथों को साबुन से बार-बार धोएं
– भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें
– फ्लू के लक्षण वाले व्यक्ति से दूरी बनाए रखें
– आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें
– बुखार, खांसी, या सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें
– बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें

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