ओबरा, सोनभद्र। बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति में आमजन को सुरक्षित रखने और संभावित हादसों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए तहसील ओबरा क्षेत्र स्थित रेणुका नदी के छठ घाट पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर आयोजित मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान नदी में किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति में तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। जरूरत पड़ने पर घायल को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी प्रदर्शित की गई। मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, मेडिकल टीम, आपूर्ति विभाग और पंचायती राज विभाग की टीमों ने समन्वित रूप से प्रतिभाग किया।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteसंबंधित टीमों ने बताया कि नदी में डूबने की सूचना मिलने पर किस प्रकार तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा और पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार दिया जाएगा। इस दौरान आमजन को जागरूक करते हुए प्रशासन ने अपील की कि बाढ़, जलभराव अथवा नदी में तेज बहाव की स्थिति में नदी, नाले, घाट और जलभराव वाले स्थानों के आसपास न जाएं। बच्चों को विशेष रूप से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई। प्रशासन ने कहा कि नदी में किसी व्यक्ति को डूबता देखकर स्वयं जोखिम लेकर पानी में न उतरें। तत्काल पुलिस, प्रशासन, आपदा राहत दल अथवा स्थानीय बचाव टीम को सूचना दें। प्रशिक्षित बचाव दल द्वारा व्यक्ति को बाहर निकालने के बाद उसकी स्थिति के अनुसार प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाए। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ आमजन को बचाव एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि बाढ़ एवं जलभराव के दौरान अनावश्यक रूप से नदी अथवा पानी से भरे क्षेत्रों की ओर न जाएं और स्वयं सहित अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।