शेरकोट । करीब आठ साल से पुलिस की नजरों से बचकर सड़कों पर दौड़ रही चोरी की बाइक आखिरकार शेरकोट पुलिस के हाथ लग गई। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में बाइक सवार एक युवक को रोककर पूछताछ की। कागजात और बाइक के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने जब वाहन का रिकॉर्ड खंगाला तो पूरा मामला सामने आ गया। जांच में बाइक वर्ष 2018 में थाना मसूरी, जनपद गाजियाबाद क्षेत्र से चोरी होना पाया गया। पुलिस ने बाइक को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक शनिवार को थाना शेरकोट पुलिस की टीम गांव घोसियावाला के कट के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार युवक पुलिस को देखकर कुछ असहज दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा कर बाइक के कागजात दिखाने को कहा। पूछताछ में बाइक सवार ने अपनी पहचान गांव मुबारकपुर निवासी छुट्टन पुत्र नफीस के रूप में बताई।
पुलिस ने जब बाइक के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज मांगे तो युवक कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसके जवाबों पर संदेह होने के बाद पुलिस ने बाइक के नंबर और अन्य विवरणों की जांच शुरू की। रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस के सामने चौंकाने वाली जानकारी आई। जिस बाइक को आरोपी चला रहा था, वह वर्ष 2018 में थाना मसूरी, गाजियाबाद क्षेत्र से चोरी हुई थी।आठ साल तक बदलते रहे ठिकाने, चेकिंग में खुला राज बताया जा रहा है कि चोरी की घटना के बाद बाइक लंबे समय तक पुलिस की पहुंच से दूर रही। अलग-अलग हाथों से होते हुए बाइक शेरकोट क्षेत्र तक पहुंच गई। पुलिस की नियमित वाहन चेकिंग के दौरान आखिरकार इसका राज खुल गया। बाइक के चोरी का होने की पुष्टि होते ही पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया और आरोपी छुट्टन को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने बाइक सस्ते दाम में खरीदी थी। हालांकि पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने बाइक किस व्यक्ति से खरीदी थी और उसे बाइक के चोरी की होने की जानकारी थी या नहीं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वाले किसी गिरोह से आरोपी का संबंध तो नहीं है।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/
पुराने चोरी के वाहनों का भी खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
पुलिस की इस कार्रवाई को पुराने चोरी के वाहनों की बरामदगी के अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध वाहनों के नंबर और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही पुराने चोरी के मामलों में भी उपलब्ध सुरागों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी राम प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चला रही है। चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। पुराने मामलों में भी रिकॉर्ड खंगालकर सुराग जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बरामद बाइक के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खरीद-फरोख्त करने वालों में मचा हड़कंप
आठ साल पुराने चोरी के वाहन के बरामद होने के बाद चोरी की बाइक और अन्य वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वालों में भी हड़कंप की स्थिति है। पुलिस की जांच के बाद यह भी सामने आ सकता है कि चोरी की बाइक इतने लंबे समय में कितने लोगों के हाथों से होकर गुजरी। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर बाइक बेचने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।