उन्नाव: भारत की सबसे ऐतिहासिक सड़कों में शामिल ग्रैंड ट्रंक रोड (जीटी रोड) आज आधुनिक नेशनल हाईवे-19 (NH-19) के रूप में देश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति की अहम धुरी बन चुकी है। करीब 500 वर्ष पहले शेरशाह सूरी ने व्यापार, प्रशासन और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से इस मार्ग का निर्माण कराया था। बाद में ब्रिटिश शासन के दौरान इसका विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया गया।आजादी के बाद इस ऐतिहासिक सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल किया गया। वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसके बड़े हिस्से को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर फोर और सिक्स लेन हाईवे में विकसित किया है।read more:https://pahaltoday.com/jan-adhikar-party-demands-caste-census-and-other-measures/उत्तर प्रदेश में कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी को जोड़ने वाला NH-19 पूर्वी भारत को देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।कॉरिडोर पर आधुनिक फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस रोड, टोल प्लाजा, रिफ्लेक्टर, सड़क सुरक्षा उपाय और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे यात्रा का समय घटा है, सड़क सुरक्षा बेहतर हुई है और माल परिवहन अधिक तेज एवं सुगम बना है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह मार्ग किसानों, व्यापारियों, उद्योगों और आम यात्रियों के लिए विकास की जीवनरेखा साबित हो रहा है। कृषि उत्पादों की तेज आवाजाही, उद्योगों की मजबूत सप्लाई चेन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने में NH-19 की महत्वपूर्ण भूमिका है। शेरशाह सूरी की ऐतिहासिक सड़क से शुरू हुई यह यात्रा आज आधुनिक भारत की बेहतर कनेक्टिविटी और विकास का सशक्त प्रतीक बन चुकी है।