विशेषज्ञों ने पशु स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और सरकारी योजनाओं की दी जानकारीसोनभद्र। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर बुधवार को विकास भवन सभागार में दुग्ध स्वर्ण महोत्सव के तहत जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की। इसमें पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों, पशु चिकित्सकों, दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों तथा दुग्ध सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। वैज्ञानिक पशुपालन, संतुलित पशु आहार, नियमित टीकाकरण और आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाकर पशुपालक दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र पशुपालक तक पहुंचाने पर बल दिया।
read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/ मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, संक्रामक रोगों की रोकथाम, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, कृत्रिम गर्भाधान, संतुलित पशु पोषण तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशु ही बेहतर गुणवत्ता और अधिक दुग्ध उत्पादन का आधार हैं, इसलिए नियमित टीकाकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन बेहद जरूरी है। कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने आधुनिक डेयरी प्रबंधन, दुग्ध गुणवत्ता सुधार, पशु कल्याण तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में पशुपालकों से वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक पशुपालन अपनाकर विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की गई।