बूढ़नपुर, आजमगढ़। तहसील क्षेत्र के गौरा गांव में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से गुरु दक्षिणा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के प्रति अपनी आस्था एवं प्रतिबद्धता व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव का वातावरण बना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं भगवा ध्वज के समक्ष वंदन के साथ हुआ। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने परंपरागत रीति से गुरु दक्षिणा अर्पित कर संगठन के प्रति अपने समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।इस अवसर पर मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक दीनानाथ जी ने गुरु दक्षिणा की परंपरा का महत्व बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम नहीं, बल्कि समर्पण, अनुशासन, सेवा, त्याग और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा, संस्कार और संगठन की भावना पहुंचाने का कार्य करता है।उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज में बढ़ रही चुनौतियों के बीच सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे और सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाए।कार्यक्रम के आयोजक एवं समाजसेवी गुडलक सिंह ने कहा कि उनके द्वारा कई वर्षों से गुरु दक्षिणा कार्यक्रम का आयोजन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संगठनात्मक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।read more:https://khabarentertainment.in/administration-gears-up-for-kanwar-yatra-divisional-commissioner-issues-strict-directives/ उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी यह कार्यक्रम इसी उत्साह और व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित होता रहेगा।अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने तथा लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी धरोहर है और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह प्रकृति संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।कार्यक्रम में डॉ. कौस्तुभ सिंह, राजकुमार गुप्ता, जगदंबा सिंह, प्रवीण सिंह, संतोष सिंह, अविनाश पाठक, महेश सिंह, हरीश तिवारी, राजेन्द्र सिंह, संतोष कुमार सिंह, अखण्ड सिंह, बी.एन. सिंह, इंदल वर्मा, रामपलट वर्मा सहित बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के अनेक स्वयंसेवकों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के समापन पर सभी स्वयंसेवकों एवं उपस्थित नागरिकों ने राष्ट्रहित, समाजसेवा, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन का वातावरण राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा भावना से ओत-प्रोत रहा।