गाजीपुर। जनपद में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) के तहत एफएमडी टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का बुधवार को शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने राइफल क्लब परिसर से टीकाकरण टीमों की वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह विशेष अभियान 22 जुलाई से 5 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान जिले की 6 लाख 19 हजार 400 गाय एवं भैंसों का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए जनपद के सभी 16 विकास खंडों में 48 टीमें गठित की गई हैं, जो गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी।read more:https://khabarentertainment.in/administration-gears-up-for-kanwar-yatra-divisional-commissioner-issues-strict-directives/मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार शाही ने बताया कि खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) पशुओं में तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है। इस बीमारी में पशुओं को तेज बुखार, कमजोरी तथा मुंह और खुरों में छाले पड़ जाते हैं, जिससे वे चारा-पानी तक नहीं खा पाते। समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
उन्होंने बताया कि चार माह से कम उम्र के बछड़ों तथा आठ माह से अधिक गर्भित पशुओं को टीका नहीं लगाया जाएगा, जबकि अन्य सभी पात्र पशुओं का टीकाकरण पूरी तरह निःशुल्क होगा। विभाग द्वारा पशुपालकों को पहले से अभियान की जानकारी दी जाएगी तथा पूरे अभियान की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा हो सके।
जिलाधिकारी ने पशुपालकों से अपील की कि वे टीकाकरण टीमों का सहयोग करें और अपने सभी पात्र पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि जनपद को खुरपका-मुंहपका जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार शाही, जनपद के सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी तथा मोबाइल वेटेनरी यूनिट के चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।