सोनभद्र। ओबरा तहसील अंतर्गत बिल्ली-मारकुंडी के मे. अजन्ता माइंस एण्ड मिनरल्स की खदान में अवैध खनन और परिवहन का कथित खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ऐसे हैं कि लूट गई नगरी, राजा को पता ही नहीं वाली कहावत यहां पूरी तरह चरितार्थ होती दिखाई दे रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली सूबे की भाजपा सरकार में भी खनन पट्टाधारक बेखौफ होकर सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।read more:https://khabarentertainment.in/administration-gears-up-for-kanwar-yatra-divisional-commissioner-issues-strict-directives/भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो, बिल्ली-मारकुंडी के अराजी संख्या 4949ख में अजन्ता माइंस एण्ड मिनरल्स के नाम से प्रो. विजय कुमार को दस वर्षो के लिए नियमानुसार पत्थर खनन के लिए करीब 5.880 हेक्टेयर में लीज आवंटित की गई है। इस खदान में प्रो. विजय कुमार के अलावा चार अन्य लोग साझेदार बताए जा रहे हैैं। खदान मालिक की राजनैतिक पैठ किसी से छिपी नहीं है। सूत्रों ने बताया कि अपनी राजनैतिक पैठ के बलबूते उनके द्वारा भाजपा राज में भी सरेआर नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन कराया जा रहा है। हैबी ब्लास्टिंग के जरिए निर्धारित मात्रा से कई गुना अधिक पत्थर निकाले जाने का भी आरोप किसी से छिपा नहीं है। बतादें कि जिले में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है, लेकिन बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र में इन अभियानों का असर नगण्य नजर आ रहा है। नियमों के विपरीत हो रहे खनन और परिवहन से जहां सरकार की छवि आमजन में धूमिल हो रही है, तो वहीं करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन के खेल पर रोक नहीं लगी तो खनन नीति और प्रशासनिक कार्रवाई दोनों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। उधर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर ओबरा एसडीएम के सीयूजी नंबर पर कई बार काल कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन आउट आफ रेंज होने के कारण वार्ता नहीं हो सकी।