बिजनौर। राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन ने दिव्यांगों की समस्याओं के समाधान में कथित प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में अपना प्रस्तावित आंदोलन 13 जुलाई के स्थान पर अब 16 जुलाई को आयोजित करने की घोषणा की है। संगठन ने कहा है कि यदि दिव्यांगों, वृद्धों, विधवाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 16 जुलाई को विकास भवन तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।read more:https://khabarentertainment.in/ghosiya-nagar-panchayats-entire-system-collapsed-during-just-five-minutes-of-rain/बुढ़नपुर स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक में संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.आर. पाशा ने कहा कि अधिकारियों का रवैया लगातार असंवेदनशील बना हुआ है, जिसके चलते दिव्यांगजन अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन के समक्ष कई बार मांगें उठाई गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।एम.आर. पाशा ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह 9 बजे विकास भवन, बिजनौर में बड़ी संख्या में दिव्यांग, वृद्ध, विधवा महिलाएं, युवा एवं अन्य जरूरतमंद एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विभागों में दिव्यांगों के साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाता है और उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने अधिकारियों से कार्यशैली में सुधार लाने तथा दिव्यांगजनों के प्रति सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार अपनाने की मांग की।बैठक की अध्यक्षता मास्टर अफजाल ने तथा संचालन शाहे आलम ने किया। बैठक में मास्टर हिरदेश कुमार, दीपक कुमार, जैकी सैनी, मोहम्मद आजम, मोहम्मद इकराम ठेकेदार, बाबू, नसीम, मास्टर शहजाद, नकुल कुमार, सुशील कुमार, जीवन अग्रवाल, तिलकराम, विजय कुमार, लाल सिंह, नौशाद, सद्दाम, गुरबचन सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।एम.आर. पाशा ने आरोप लगाया कि जनपद के विभिन्न थानों में दिव्यांगों की शिकायतों पर अपेक्षित सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस विभाग का रवैया नहीं बदला तो 16 जुलाई को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी घेराव किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि दिव्यांगों के उत्पीड़न और उपेक्षा के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।