सिंभावली। समाजसेवी एवं पर्यावरणविद डॉ राजेंद्र सिंह औलख ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम पर ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के शोषण का आरोप लगाया है।
डॉ. औलख नै कहा1. सोलर पैनल लगने के बावजूद बिजली के बिल लगातार बढ़कर आ रहे हैं 2. सरकार की “हर घर बिजली” योजना फेल हो गई है, जनता बिजली कटौती से परेशान है 3. विद्युत विभाग ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में प्रत्येक बिल पर ₹1000 एक्स्ट्रा जोड़कर जनता की कमर तोड़ रहा है4. यह आम जनता को लूटने की योजना है।डॉ. राजेंद्र सिंह औलख सिंभावली बिजली घर पहुंचे और अधिकारियों-कर्मचारियों से नाराजगी जताई। इस संबंध में उन्होंने एसडीओ सिंभावली से वार्ता भी की। read more:https://pahaltoday.com/delay-in-justice-leads-to-failure-of-justice-prof-vijay-tiwaडॉ. औलख ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा बिलों में की जा रही मनमानी बढ़ोतरी पर रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए क्योंकि गर्मियों में बिजली कटौती से जनता बहुत परेशान हैं बिजली की पुरानी लाइन रोजाना कहीं भी टूट जाती हैं जिसकी गर्मी शुरू होने से पूर्व कोई भी तैयारी विधुत विभाग द्वारा नहीं की जाती ।उपभोक्ताओं मास्टर हरि सिंह वीरेंद्र सिंह हरेंद्र सिंह सुरेंद्र सिंह का कहना है कि गर्मी और मानसून से पहले ही बढ़े हुए बिलों से आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ जायेगा ।इस संबंध में सिंभावली के एसडीओ रमेश चंद्र ने बताया कि हेड क्वार्टर से बिजली मीटर और खपत के आधार पर लोड बढ़ाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली रीडिंग के हिसाब से ही बिल बनाए जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े। एसडीओ ने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को बिजली समय से दी जा रही है।