बिजनौर । जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण एवं अति कुपोषण से ग्रसित बच्चों तथा एनीमिया से प्रभावित गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की समयबद्ध पहचान कर उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से वजन एवं लंबाई का मापन किया जाए तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी का विवरण पोषण ट्रैकर पर समय से अपडेट किया जाए।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-was-a-leading-leader-in-the-countrys-politics-rajnath/उन्होंने सभी सीडीपीओ को माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करते हुए पोषण अभियान की गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सैम एवं मैम बच्चों का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत चिन्हांकन किया जाए तथा ऐसे बच्चों के उपचार, नियमित फॉलोअप एवं पोषण पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में जिन स्थानों पर अभी तक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित नहीं हैं, उनकी ग्रामवार सूची तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई करते हुए पात्र क्षेत्रों को आंगनबाड़ी सेवाओं से आच्छादित किया जा सके।उन्होंने उत्तराखंड सीमा से लगे ग्रामों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की भी समीक्षा की तथा वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर फर्नीचर अथवा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सामग्री एवं फर्नीचर की खरीद सुनिश्चित कर सभी केंद्रों को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए।बैठक में स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए निर्धारित समयावधि में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इस अवसर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।