तहबरपुर, आजमगढ़। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) सत्र 2026, 2027 की तैयारी के लिए तहबरपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को एक बार फिर निःशुल्क मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र तहबरपुर के कंपोजिट विद्यालय गोविंदपुर में कार्यरत शिक्षक राजभवन राम ने अपने करियाबर स्थित आवास पर विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं का शुभारंभ कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति परीक्षा में सफलता दिलाकर उनकी शिक्षा को नई दिशा देना है। शिक्षक राजभवन राम ने बताया कि राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में कक्षा 8 में अध्ययनरत छात्र छात्राएं प्रतिभाग करते हैं। परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को कक्षा 9 से कक्षा 12 तक केंद्र सरकार की ओर से प्रतिमाह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलती है।उन्होंने बताया कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। यहां विद्यार्थियों को परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार विषयवार तैयारी, मॉडल प्रश्न पत्र, मानसिक योग्यता, गणित तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों का नियमित अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही परीक्षा की रणनीति और समय प्रबंधन संबंधी विशेष मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।राजभवन राम प्रत्येक अवकाश के दिन प्रातः 9 बजे से अपने आवास पर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा के साथ साथ नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी विद्यार्थियों को कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के अधिक से अधिक छात्र बेहतर शैक्षिक अवसर प्राप्त कर सकें।read more:https://pahaltoday.com/major-action-by-mineral-department-2-mines-sealed-7-trucks-seized/उनकी इस पहल का परिणाम पिछले वर्षों में भी देखने को मिला है। बीते वर्ष उनके मार्गदर्शन में लगभग एक दर्जन विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की थी। उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान और विद्यार्थियों की सफलता के लिए उन्हें लखनऊ में आयोजित एक सम्मान समारोह में सम्मानित भी किया गया था।क्षेत्र के अभिभावकों और विद्यार्थियों ने शिक्षक राजभवन राम की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की निःशुल्क शैक्षिक व्यवस्था मेधावी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। इच्छुक छात्र छात्राएं निर्धारित समय पर करियाबर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर निःशुल्क कोचिंग का लाभ उठा सकते हैं।:::