आजमगढ़।निजामाबाद तहसील क्षेत्र के दुबौलिया गांव में विवादित भूमि को लेकर न्यायालय के आदेशों के बावजूद कथित रूप से निर्माण कार्य और कब्जे के प्रयास का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि सक्षम न्यायालय से अपने पक्ष में निर्णय होने के बाद भी विपक्षी पक्ष विवादित भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल हस्तक्षेप और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की गई है।दुबौलिया गांव निवासी नागेंद्र यादव का कहना है कि भूमि के बंटवारे को लेकर उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) निजामाबाद की अदालत में वाद दायर किया था। उनके अनुसार इस मामले में निर्णय उनके पक्ष में हुआ। इसके बाद विपक्षी पक्ष ने अपर आयुक्त (न्यायिक) के समक्ष अपील की, लेकिन वहां भी अपील खारिज कर दी गई और पूर्व आदेश बरकरार रखा गया।पीड़ित का आरोप है कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद विपक्षी पक्ष विवादित भूमि पर मिट्टी गिराकर कब्जा करने और निर्माण कार्य कराने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकियां भी दी गईं। इससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।नागेंद्र यादव के अनुसार उन्होंने पूरे मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी निजामाबाद से भी की थी। उनके मुताबिक एसडीएम ने संबंधित लेखपाल और निजामाबाद थाना पुलिस को न्यायालय के स्थगन आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुकने का आरोप लगाया गया है।read more:https://pahaltoday.com/school-chalo-campaign-increased-awareness/पीड़ित ने अब अपर आयुक्त (न्यायिक) और पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाए, विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।यह मामला अब कई अहम सवाल खड़े कर रहा है। यदि किसी भूमि विवाद में सक्षम न्यायालय का आदेश प्रभावी है, तो उसके अनुपालन की स्थिति क्या है। यदि पीड़ित के आरोप सही हैं, तो न्यायालय के आदेशों के बावजूद निर्माण कार्य कैसे जारी रहा। इन सवालों का उत्तर जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।फिलहाल पीड़ित न्यायालय के आदेशों के पालन और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठा है।