लोनी (गाजियाबाद)। लोनी क्षेत्र स्थित इंदिरा मार्केट में लोनी–गाजियाबाद मुख्य मार्ग के किनारे बनी लगभग कई वर्ष पुरानी अवैध मजार को शुक्रवार को प्रशासन ने हटाने की कार्रवाई की। प्रशासन के अनुसार, सड़क के किनारे बने इस अवैध निर्माण के कारण लंबे समय से यातायात प्रभावित हो रहा था तथा अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी। आमजन की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई।read more:https://pahaltoday.com/voluntary-childlessness-the-need-of-the-hour/ध्वस्तीकरण अभियान का नेतृत्व एसडीएम लोनी दीपक सिंघनवाल ने किया। उनके साथ नायब तहसीलदार लीलू सिंह, सूचना अधिकारी योगेंद्र सिंह तथा पुलिस विभाग से डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम एवं एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त लोनी क्षेत्र के छह थानों के प्रभारी निरीक्षक अपने-अपने पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। आवश्यकता के मद्देनज़र पिलखुवा क्षेत्र से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे अभियान के दौरान लगभग 300 पुलिसकर्मी तैनात रहे, जिन्होंने क्षेत्र की घेराबंदी कर कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। इसके साथ ही लोगों द्वारा किए गए अस्थायी अवैध अतिक्रमण को भी हटाया गया, जिससे लोनी तिराहे पर यातायात बाधित हो रहा था। इस कार्रवाई के बाद यातायात व्यवस्था सुचारु हुई तथा आमजन को आवागमन में सुविधा प्राप्त हुई।एसडीएम लोनी / ज्याइंट मजिस्ट्रेट श्री दीपक सिंघनवाल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशा एवं निर्देशों के अनुरूप तथा जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन में लोनी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित होती थी और राहगीरों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता था। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को हटाया गया, जिससे अब सड़क पर यातायात पहले की अपेक्षा अधिक सुगम होने की उम्मीद है। कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया तथा संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक भूमि पर दोबारा किसी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण के विरुद्ध आगे भी नियमानुसार अभियान जारी रहेगा।