गाजीपुर। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और चयनित गांवों के समग्र विकास को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चयनित 43 ग्रामों के ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, सहायक ग्राम विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य चयनित गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण तथा सभी पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी चयनित गांवों का सूक्ष्म सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर ग्राम विकास योजना (वीडीपी) तैयार की जाए और यह कार्य तीन दिनों के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।read more:https://pahaltoday.com/census-of-india-will-be-digital-in-2027-in-bhadohi/
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल, स्वच्छता, सड़क, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी।
बैठक के दौरान ग्राम प्रधानों से ग्राम स्तर पर चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली गई। उन्हें जनसहभागिता बढ़ाने, पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।पंचायत सचिवों एवं सहायक ग्राम विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शासनादेश के अनुरूप ग्राम विकास योजना तैयार कर जेई (आरईडी) एवं जेई (एमआई) से आगणन बनवाते हुए कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ कार्य करें, ताकि चयनित गांवों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, समृद्ध और विकसित बनाकर आदर्श ग्राम के रूप में स्थापित किया जा सके। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, सहायक विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।