रात ढली, अंधेरा बढ़ा और शुरू हो गई बिजली की आंख मिचौली! मोहम्मदपुर विद्युत उपकेंद्र की जर्जर व्यवस्था से त्रस्त हजारों परिवार,

आजमगढ़।मोहम्मदपुर विद्युत उपकेंद्र की बदहाल व्यवस्था अब पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि जैसे ही शाम ढलती है और रात शुरू होती है, वैसे ही बिजली की आंख मिचौली भी शुरू हो जाती है। पूरी पूरी रात बिजली गुल रहना, बार बार ट्रिपिंग होना और बिना किसी निर्धारित समय के बिजली का आना जाना अब रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है।
मंगरावा, मखदुमपुर, वजीरमलपुर, खालिसपुर, कोइलाडीह, मुजफ्फरपुर, बिंद्रा बाजार, रानीपुर रजमों, दयालपुर, मोहम्मदपुर, फरिहा, अबूसैदपुर समेत दर्जनों गांवों में लोग भीषण गर्मी और उमस के बीच रात भर जागने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि कई बार पूरी रात बिजली नहीं आती और यदि आती भी है तो कुछ मिनटों बाद फिर ट्रिप हो जाती है।ग्रामीणों का आरोप है कि मोहम्मदपुर विद्युत उपकेंद्र की पूरी व्यवस्था जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों पर विद्युत पोल झुके हुए हैं, तार पुराने और जर्जर हैं, ट्रांसफार्मर बार बार ओवरलोड हो रहे हैं और फीडरों पर लगातार फॉल्ट की स्थिति बनी रहती है। इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देता।स्थानीय लोगों का कहना है कि कोइलाडीह और साउथ फीडर पर बारी बारी से बिजली आपूर्ति की जाती है। आधा घंटा एक फीडर और आधा घंटा दूसरे फीडर को सप्लाई देकर व्यवस्था संभालने की कोशिश की जाती है, लेकिन इसका खामियाजा हजारों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।सबसे अधिक प्रभावित किसान और मजदूर हैं। खेतों की सिंचाई के लिए मजदूर काम से छुट्टी लेकर रात भर बिजली का इंतजार करते हैं, लेकिन कई बार पूरी रात बिजली नहीं आती। न सिंचाई हो पाती है और न अगले दिन की मजदूरी बचती है। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, छोटे व्यापारी नुकसान झेल रहे हैं और बुजुर्ग व मरीज गर्मी में सबसे अधिक परेशान हैं।read more:https://pahaltoday.com/shailendra-kumar-dwivedi-a-pharmacist-posted-at-the-community-health-center-visheshwarganj-became-the-district-president-of-the-health-department/दूसरी ओर, स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद भी उपभोक्ताओं की शिकायतें कम नहीं हुई हैं। लोगों का कहना है कि नियमित बिजली नहीं मिल रही, लेकिन रिचार्ज और बिल का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे लोगों में असंतोष और गहरा हो गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर हर बार यही कहा जाता है कि “काम चल रहा है” या “फॉल्ट ठीक किया जा रहा है।” लेकिन जमीनी स्तर पर बिजली व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार दिखाई नहीं देता। लोगों का कहना है कि अब आश्वासनों से भरोसा उठने लगा है।क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि मोहम्मदपुर विद्युत उपकेंद्र की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। जर्जर तार, पोल और ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए, फीडरों की क्षमता बढ़ाई जाए और बिजली आपूर्ति का निश्चित समय घोषित कर उसका पालन सुनिश्चित किया जाए।जनता का कहना है कि बिजली केवल सुविधा नहीं, बल्कि खेती, रोजगार, शिक्षा और जीवन का आधार है। यदि व्यवस्था समयबद्ध और भरोसेमंद हो जाए तो किसानों और मजदूरों को अनिश्चितता से राहत मिलेगी और उनकी आजीविका पर पड़ने वाला असर भी कम होगा।अब क्षेत्र की जनता एक ही सवाल पूछ रही है।

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