शब्द सुधा पुस्तक संतों को भेंट, जय गुरुबंदे जी के विचारों से कराया अवगत

गाजीपुर/आजमगढ़/ मऊ/ जय गुरुबंदे स्वर योग साधना के परम संत स्वामी जय गुरुबंदे जी द्वारा रचित आध्यात्मिक साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्रद्धालुओं ने “शब्द सुधा” पुस्तक को कई मठों एवं आश्रमों पर  संत महात्माओं को भेंट की। इस अवसर पर परम संत जय गुरुबंदे जी के विचारों एवं उद्देश्यो से संतों को अवगत कराया गया। जय गुरुबंदे स्वर योग साधना के मीडिया प्रभारी शशि दास एवं संतोष जी द्वारा  छांगुरदास महाराज बीबीपुर आजमगढ़ एवं महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति हथियाराम जखनिया गाजीपुर, शत्रुघ्न दास जी भुड़कुडा मठ जखनिया गाज़ीपुर,संत नेपाली महाराज सतगुरु देव आश्रम सरसेना मऊ, खाकी बाबा मठ सखनी सरसेना मऊ, भिखा साहब तपस्थली प्रयागरीकुटी समरौल आजमगढ़, धुरंधर दास महाराज घनश्याम दास की कुटिया करहा चिरैयाकोट मऊ आदि आश्रमों पर संत महात्माओं को शब्द सुधा पुस्तक भेंट कर परम संत स्वामी जय गुरुबंदे जी के विचारों से अवगत कराए। ज्ञातव्य हो कि जय गुरुबंदे स्वर योग साधना के आश्रम वाराणसी, बलिया, गाजीपुर ,आजमगढ़ ,मऊ, गोरखपुर मिर्जापुर आदि उत्तर प्रदेश के जिलों में स्थापित है ।read more:https://pahaltoday.com/retired-teachers-and-shikshamitras-honored-at-baragaon-brc/इसके अलावा भारत के कई प्रांतों जैसे महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश,गुजरात, जम्मू कश्मीर, दिल्ली ,कर्नाटक आदि राज्यों में आश्रम के साथ-साथ श्रद्धालुओं के बुलावे पर सत्संग के कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं जिससे हजारों की संख्या में श्रद्धालु लौकिक एवं अलौकिक रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।भेंटकर्ताओं ने बताया कि “शब्द सुधा” पुस्तक में परम संत जय गुरुबंदे जी के अमृत वचनों और जीवनोपयोगी विचारों का संग्रह है। इसका उद्देश्य समाज के लोगों को इन विचारों से जोड़कर समाज में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।  ऐसे प्रयासों से आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होगा और समाज दिशा प्राप्त करेगा।

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