सोनभद्र। ओबरा बाजार में पिछले एक सप्ताह से छोटे सब्जी विक्रेताओं की दुकानें बंद रहने से सैकड़ों गरीब परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। वर्षों से रेहड़ी-पटरी पर सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले विक्रेताओं की रोजी-रोटी प्रभावित होने से आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। इस समस्या को लेकर व्यापार मंडल के प्रतिनिधि गौरव जैन, अभिषेक तथा सेवा ही संकल्प टीम के राकेश केशरी ने ओबरा तापीय परियोजना के अधिकारियों से मुलाकात कर सब्जी विक्रेताओं की समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि गरीब विक्रेताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे उनकी दुकानें दोबारा संचालित हो सकें और उनकी आजीविका सुरक्षित रहे। प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केवल दुकान लगाने का मामला नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के जीवन-यापन, बच्चों की शिक्षा और दो वक्त की रोटी का प्रश्न है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो कई परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है। वार्ता के दौरान प्रदेश सरकार की गरीब, मजदूर एवं छोटे व्यापारियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि शासन की मंशा गरीबों के रोजगार की रक्षा करना है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर भी ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे व्यवस्था भी बनी रहे और छोटे व्यापारियों की आजीविका भी प्रभावित न हो।read more:https://pahaltoday.com/the-essence-of-prasad-is-to-receive-the-blessings-of-the-deity-to-whom-it-is-offered/सेवा ही संकल्प टीम ने कहा कि गरीब, मजदूर और छोटे व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सब्जी विक्रेताओं को न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उनकी आवाज उठाई जाती रहेगी। इस दौरान सुलोचना गुप्ता, नौसाद, ममता, शंकर, कृष्णा, दया, दीपक, संदीप, मोहित, अनस, सोनू, भिखारी, रामधारी और सरोज सहित बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेता मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से गरीब परिवारों की आजीविका की रक्षा करते हुए शीघ्र समाधान निकालने की मांग की।