आजमगढ़।जनपद के निजामाबाद तहसील क्षेत्र में आंगनबाड़ी भर्ती को लेकर आय प्रमाण पत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि एक अभ्यर्थी ने 42 हजार रुपये वार्षिक आय प्रमाण पत्र के आधार पर आवेदन किया, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित परिवार की वास्तविक संयुक्त मासिक आय लगभग 53 हजार रुपये है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।शिकायतकर्ता राजदुलारी यादव, निवासी नन्दपुर, विकास खंड मोहम्मदपुर ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव की पुष्पा यादव द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद के लिए आवेदन किया गया, जिसमें 42 हजार रुपये वार्षिक आय का प्रमाण पत्र संलग्न किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि यह आय प्रमाण पत्र संख्या 614261010692 दिनांक 3 अप्रैल 2026 को जारी हुआ था।शिकायत के अनुसार, पुष्पा यादव वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता हैं और उन्हें लगभग 4 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलता है। इसके अलावा उनकी सास आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें भी लगभग 4 हजार रुपये मासिक मानदेय प्राप्त होता है। वहीं शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके ससुर ग्राम पंचायत रामपुर अबूसईदपुर में सफाईकर्मी हैं, जिनका मासिक वेतन लगभग 45 हजार रुपये है। इस आधार पर शिकायतकर्ता ने परिवार की संयुक्त मासिक आय लगभग 53 हजार रुपये बताई है।read more:https://pahaltoday.com/city-international-school-inaugurated-in-devan/प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय लेखपाल मोनिका सिंह द्वारा 5 जून 2026 और 14 जून 2026 को दी गई दो अलग-अलग आख्या रिपोर्ट में है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहले आय संबंधी तथ्य अलग बताए गए, जबकि बाद की आख्या रिपोर्ट में जारी आय प्रमाण पत्र को सही ठहराया गया। इस विरोधाभास को भी जांच का विषय बिंदु है।शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि 42 हजार रुपये वार्षिक आय प्रमाण पत्र की सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि प्रमाण पत्र गलत तथ्यों के आधार पर जारी हुआ है तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए और प्रमाण पत्र जारी करने तथा गलत जानकारी देने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधिक दंड पूर्वक कार्रवाई की जाए।