कानपुर देहात। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर द्वारा (एफओएम) किण्वित जैविक खाद योजना अंतर्गत किण्वित जैविक खाद के प्रयोग हेतु किसानों को मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता सुधारने के लिए विकासखंड मैथा के गांव गणेशपुर में जागरूक किया। मृदा वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने बताया कि यह खाद बायोगैस संयंत्रों से प्राप्त उपोत्पाद है। जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि इस जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरता है और उसकी जल धारण क्षमता बढ़ती है।read more:https://pahaltoday.com/pm-modi-calls-for-women-empowerment-calls-women-reservation-a-historic-opportunity/कृषकों को अंधाधुंध यूरिया और डीएपी के उपयोग को कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है। डॉ खलील खान ने बताया कि इसके नियमित उपयोग से फसल उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है।जिससे किसानों को बाज़ार में उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होता है। यह खाद रसायनों से मुक्त होती है, जिससे भूमि का प्रदूषण रुकता है और उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। पशुपालन वैज्ञानिक डॉक्टर शशिकांत ने किसान भाइयों को पशु प्रबंधन तथा दुग्ध उत्पादन विषय पर भी जानकारी दी,उन्होंने किसानों को खेतों में गोबर की सड़ी हुई खाद प्रयोग पर बल दिया।इस कार्यक्रम में गांव के अमर सिंह, रमेश चंद्र, पुष्पेंद्र कुमार, अमरेश कुमार एवं राम स्वरूप सहित साठ से अधिक किसान उपस्थित रहे।