“वादे बहुत हुए, अब विकास चाहिए”, तीसरे दिन भी डटे रहे आंदोलनकारी

 आजमगढ़। निजामाबाद क्षेत्र के विकास और सड़क सहित बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। शेरपुर तिराहा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर समाजसेवी एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पहुंचकर समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन पर क्षेत्र की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जल्द मांगें पूरी करने की मांग की।धरने को संबोधित करते हुए अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि निजामाबाद ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से प्रदेश की महत्वपूर्ण पहचान रखता है। यहां की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी कला, कृषि उत्पाद और आम की पैदावार पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखते हैं, लेकिन विकास के मामले में क्षेत्र लगातार पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से सड़क, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि क्षेत्र की प्रमुख मांगों में केटीएम रोड को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ना, जनपद मुख्यालय को जोड़ने वाले भदुली-निजामाबाद मार्ग का चौड़ीकरण, बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना तथा व्यापार और कृषि उत्पादों के सुगम परिवहन की व्यवस्था शामिल है। उनका कहना है कि इन मांगों का सीधा संबंध क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और आम जनता की सुविधाओं से है।धरने के तीसरे दिन नायब तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के जूनियर इंजीनियर भी मौके पर पहुंचे। आंदोलनकारियों के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के प्रस्ताव हर वर्ष शासन को भेजे जाते हैं, लेकिन उन्हें स्वीकृति नहीं मिल पाती।read more:https://pahaltoday.com/the-film-bolo-radhe-radhe-has-the-power-to-shake-our-soul-along-with-entertainment-ravi-bhatia/ इस दौरान अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच सड़क की स्थिति को लेकर बहस भी हुई।धरनास्थल पर मौजूद लोगों का आरोप था कि क्षेत्र की सड़कों की हालत बेहद खराब है और आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं अधिकारियों द्वारा सड़क को लेकर दिए गए बयान पर प्रदर्शनकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई और मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी समस्याएं तथा सड़क हादसों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने जनता की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि गुरुवार को धरनास्थल पर “सद्बुद्धि यज्ञ” आयोजित किया जाएगा ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान क्षेत्र की समस्याओं की ओर आकर्षित हो सके।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वह शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और जनता के अधिकारों के लिए किया जा रहा है।धरनास्थल पर दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा और क्षेत्रीय नागरिकों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए शासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *