नहटौर । नगर के मोहल्ला जोशियान पश्चिमी का एक परिवार पिछले नौ महीनों से ऐसी पीड़ा झेल रहा है, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं। 15 वर्षीय किशोरी मुस्कान 19 सितंबर 2025 को घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी, लेकिन वह आज तक वापस नहीं लौटी। समय बीतता गया, मौसम बदलते गए, लेकिन मुस्कान का कोई सुराग नहीं मिल सका।read more:https://pahaltoday.com/city-international-school-inaugurated-in-devan/उस दिन मुस्कान रोज की तरह अपनी किताबें लेकर घर से निकली थी। उसकी मां रीना और दादी मुकंदिया जोशी को क्या पता था कि यह उनकी बेटी और पोती को आखिरी बार घर से जाते हुए देखना होगा। शाम तक जब वह वापस नहीं आई तो परिवार की बेचैनी बढ़ गई। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कराया गया।महीनों बीत जाने के बावजूद मुस्कान का कोई पता नहीं चलने से परिवार गहरे सदमे में है। उसकी मां और दादी आज भी उसकी तस्वीर को सीने से लगाए इस उम्मीद में जी रही हैं कि शायद एक दिन मुस्कान दरवाजे पर दस्तक देगी। हर आहट पर उनकी निगाहें दरवाजे की ओर उठ जाती हैं, लेकिन हर बार उन्हें मायूसी ही हाथ लगती है।परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दे दी थी, लेकिन इतने लंबे समय बाद भी जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। लगातार बीतते समय के साथ उनकी चिंता और बढ़ती जा रही है। परिवार का कहना है कि मुस्कान केवल घर की बेटी नहीं थी, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों का केंद्र थी। उसके बिना घर का हर कोना सूना लगने लगा है।मुस्कान की मां रीना और दादी मुकंदिया जोशी प्रशासन से हाथ जोड़कर अपील कर रही हैं कि उनकी बेटी को खोजने के लिए जांच में तेजी लाई जाए। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को मुस्कान के संबंध में कोई भी जानकारी हो तो वह तत्काल पुलिस या परिवार को सूचित करे। यह मामला केवल एक लापता किशोरी का नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार की टूटती उम्मीदों का भी है, जो पिछले नौ महीनों से हर दिन अपनी बेटी की वापसी की आस में जी रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस मामले में नई ऊर्जा के साथ जांच आगे बढ़ाकर मुस्कान को उसके परिवार तक पहुंचा पाएगा?