गाजीपुर जमानियां । नगर कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं और आधारभूत व्यवस्थाएं बदहाली का शिकार हैं। केंद्र पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को शौचालय, शुद्ध पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुधार के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।read more:https://pahaltoday.com/retired-officers-house-in-up-notes-everywhere-currency-found-क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमानियां का यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरकारी दावों की हकीकत बयां कर रहा है। अस्पताल परिसर में महिला और पुरुषों के लिए समुचित शौचालय व्यवस्था नहीं है। शुद्ध पेयजल की सुविधा भी नदारद है, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि किसी व्यक्ति को आवारा कुत्ता काट लेता है और उसे एंटी रेबीज वैक्सीन की आवश्यकता होती है, तो उसे समय पर टीका उपलब्ध कराने में भी स्वास्थ्य कर्मियों से काफी अनुरोध करना पड़ता है। कई बार मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।व्यापार मंडल के जिला युवा उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, वसीम अंसारी, वीरेंद्र कुमार, इरफान खान और शशिकांत जायसवाल सहित अन्य नागरिकों ने बताया कि अस्पताल परिसर में मूलभूत सुविधाओं के अभाव से मरीजों के सामने गंभीर समस्याएं खड़ी हो रही हैं। उनका कहना है कि केंद्र प्रभारी का भी नियमित रूप से अस्पताल में उपस्थित न रहना व्यवस्था को और प्रभावित कर रहा है। आरोप है कि प्रभारी चिकित्साधिकारी महीने में कभी-कभार ही केंद्र पर दिखाई देते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो यह केंद्र पूरी तरह बदहाल हो जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेते हुए शौचालय, पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।”इलाज के लिए आने वाले मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़े, यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।” स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारनी चाहिए।