गाजियाबाद । अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आगामी त्योहारों और विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। पुलिस कार्यालय के मीटिंग हॉल में 17 जून 2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद की अध्यक्षता में यह उच्च स्तरीय गोष्ठी संपन्न हुई। बैठक में जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का खाका खींचा गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय व अपराध, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था व यातायात, समस्त जोनल पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध, समस्त सहायक पुलिस आयुक्त (सर्किल) तथा सहायक पुलिस आयुक्त प्रज्ञान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी अभियानों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। गोष्ठी की शुरुआत में यक्ष ऐप पर अपराधियों की फीडिंग से संबंधित कार्रवाई की समीक्षा की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं यातायात) द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध/नोडल अधिकारी) द्वारा थानों और मालखानों में जमा मालों के निस्तारण संबंधी कार्रवाई का पूरा विवरण पेश किया गया। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष ‘ऑपरेशन प्रहार’ के अंतर्गत अब तक की गई सभी कार्रवाइयों की गहराई से पड़ताल की गई और इसमें और तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीसीएनएसएस पोर्टल के अनुसार 1 जनवरी 2026 से 15 जून 2026 तक और 15 मई 2026 से 15 जून 2026 तक की गई समस्त पुलिस कार्रवाइयों का मूल्यांकन किया गया। पुलिस आयुक्त ने अपराध के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए 1 जनवरी 2026 से 15 जून 2026 तथा 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक के दो वर्षीय संपत्ति संबंधी और शरीर संबंधी अपराधों के आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा की। इसके अलावा, 15 जून 2026 तक दर्ज हुए संपत्ति संबंधी अभियोगों के अनावरण और लूटे या चोरी गए माल की बरामदगी की स्थिति की भी कड़े तौर पर जांच की गई।read more:https://pahaltoday.com/mandal-president-celebrated-the-foundation-day-of-bjp/पुलिस टीम को लंबित मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने के सख्त निर्देश दिए गए।कानून का खौफ पैदा करने के उद्देश्य से 1 जनवरी 2026 से 16 जून 2026 तक की गई दो वर्षीय निरोधात्मक कार्रवाई और गैंगस्टर व गुंडा एक्ट जैसे महत्वपूर्ण अधिनियमों के अंतर्गत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘मिशन शक्ति’ केंद्रों पर प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की स्थिति देखी गई। आगामी महत्वपूर्ण त्योहारों, विशेष रूप से मोहर्रम और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, रूट डायवर्जन और यातायात प्रबंधन की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की गई। गोष्ठी के अंत में पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनपद में अपराध और अपराधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाई जाए। उन्होंने आगामी त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने, महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।