नई दिल्ली। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निवासियों को सोमवार सुबह भीषण गर्मी और उमस से उस समय बड़ी राहत मिली जब आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस अचानक हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है और मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है। मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों ने पहले ही उत्तर-पश्चिम भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई थी, जिसका असर अब धरातल पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। सुबह-सुबह हुई इस बारिश ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से दिल्ली समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाओं का असर देखा जा रहा है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भी व्यापक वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान कई मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर हरियाणा के ऊपर स्थित है और धीरे-धीरे आगे की ओर बढ़ रहा है। हालांकि इसके आगे बढ़ने से आने वाले समय में बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना जरूर है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।read more:https://pahaltoday.com/bangladesh-foreign-minister-who-met-jaishankar-said-send-sheikh-hasina-back/ वर्तमान स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि राजस्थान के कई हिस्सों में धूल भरी तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 19 जून तक मौसम का यह मिजाज बरकरार रहेगा और बारिश के साथ तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 13 से 19 जून के बीच रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14 से 19 जून तक लगातार वर्षा की गतिविधियां देखी जा सकती हैं। इसके साथ ही मैदानी क्षेत्रों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 19 जून तक छिटपुट से लेकर मध्यम स्तर की बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की घटनाएं हो सकती हैं। विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे संवेदनशील पहाड़ी राज्यों में मौसम अधिक अस्थिर बना रह सकता है, जबकि राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी तेज आंधी और तूफानी हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इस सुहावने मौसम के बीच मौसम विभाग ने एक संकेत यह भी दिया है कि भले ही बारिश से अस्थाई राहत मिली है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। अगले दो दिनों में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है, जिसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है। इसके बावजूद फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और इसके आसपास के क्षेत्रों में हुई इस मानसूनी फुहार ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया है। मौसम विभाग लगातार इस मौसमी तंत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उसने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।