योग से जागता है ऊर्जा और आत्मविश्वास: कुलपति

जौनपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व आयोजित विशेष योग सत्र में कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के नेतृत्व में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का इनडोर स्टेडियम सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और उत्साह से सराबोर हो उठा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने स्वयं योग प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हुए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के लगभग 600 छात्र-छात्राओं को योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया।इस अवसर पर कुलपति ने विभिन्न योगासनों एवं ध्यान की विधियों का प्रशिक्षण देते हुए योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।read more:https://pahaltoday.com/after-hearing-the-arguments-of-advocate-girish-srivastava-and-examining-the-file-sufficient-grounds-for-bail-were-found/उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार है। योग व्यक्ति के तन, मन और आत्मा को जोड़कर जीवन को संतुलित, स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण बनाता है।प्रो. वंदना सिंह ने कैडेटों से नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग तनाव को कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे सरल योगाभ्यास हैं जिन्हें अध्ययन या कार्यालय के दौरान बैठकर भी किया जा सकता है।उन्होंने भारतीय ऋषि-मुनियों और महापुरुषों के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि योग के माध्यम से उन्होंने न केवल दीर्घायु प्राप्त की, बल्कि अद्भुत ऊर्जा, एकाग्रता और कार्यक्षमता का परिचय भी दिया। योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर युवा पीढ़ी स्वस्थ एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेटों में विशेष उत्साह देखने को मिला। योगाभ्यास के बाद विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मकता का वातावरण बना रहा, जिसने सभी प्रतिभागियों को योग के प्रति प्रेरित किया।

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