सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जनपद सोनभद्र में सोमवार से एनएचएम संविदा कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के तहत कर्मचारी काला फीता बांधकर कार्य कर रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/global-health-care-hospital-is-equipped-with-all-modern-facilities/
एनएचएम जनपद सोनभद्र के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने बताया कि यदि 20 मई तक शासन उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेता है तो 21 मई 2026 से पूरे प्रदेश में ‘नो पे, नो वर्क’ के आधार पर कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 मई तक सांकेतिक विरोध जारी रहेगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। संघ की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मियों के मानदेय का समय से भुगतान, नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा सेवा सुरक्षा शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। जिला अध्यक्ष ने कहा कि एनएचएम संविदा कर्मियों ने कोरोना काल से लेकर अब तक स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन मानदेय में देरी और सेवा सुरक्षा के अभाव से उनमें असंतोष बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि वार्ता के लिए आगे आती है तो समस्या का समाधान संभव है, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।