सोनभद्र। सनातन वैदिक परम्परा, गौसंरक्षण एवं धर्मजागरण के उद्देश्य से संचालित पावन गविष्ठी यात्रा के अंतर्गत ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम के ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज का मंगलवार को सोनभद्र नगर स्थित श्री राम-जानकी मंदिर न्यास परिसर में भव्य स्वागत किया गया।read more;https://pahaltoday.com/dm-arvind-kumar-chauhan-inspected-maa-shakambhari-university-and-expressed-displeasure-over-the-slow-pace-of-construction-work/
जगद्गुरु शंकराचार्य के मंदिर परिसर पहुंचने पर श्रद्धालुओं, गौभक्तों एवं सनातन धर्मावलम्बियों ने शंखनाद, घंटा-घड़ियाल और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका अभिनंदन किया। मंदिर के तोरणद्वार पर महिलाओं ने मंगल कलश के साथ पूज्यपाद शंकराचार्य का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य ने श्रीराम-जानकी सरकार सहित मंदिर परिसर में विराजमान देवी-देवताओं का विधिवत पूजन-अर्चन कर राष्ट्र, धर्म और गौसंरक्षण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में प्रस्तावित भगवान श्री परशुराम की प्रतिमा स्थापना के लिए शिला पूजन का वैदिक अनुष्ठान भी सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में भगवान परशुराम के आदर्शों के संरक्षण एवं सनातन संस्कृति के प्रसार का संकल्प लिया गया। मंदिर न्यास के अध्यक्ष डॉ. मार्कण्डेय राम पाठक ने जगद्गुरु शंकराचार्य की पादुका पूजन कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। वहीं मंदिर न्यास के प्रबंधक आशुतोष पाठक ने स्वागताध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का संचालन किया। सनातन परम्परा के अनुसार सूर्यास्त के बाद मौन-व्रत की मर्यादा का पालन किए जाने के कारण जगद्गुरु शंकराचार्य ने सार्वजनिक संबोधन नहीं दिया। हालांकि उनके साथ आए संतों एवं आचार्यों ने श्रद्धालुओं को गविष्ठी संकल्प दिलाते हुए गौसंरक्षण, भारतीय संस्कृति और धर्मरक्षा के लिए समाज को संगठित एवं जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में रामानंद पाण्डेय, कौशलेश पाठक, धीरज पाण्डेय, शशांक मिश्रा, मृदुल मिश्रा, मोनू पाण्डेय, अभिषेक चैबे, जितेन्द्र देव, संदीप शुक्ला, विनोद, कैलाश नाथ, रोहिल मिश्रा, प्रांजल, अनुपम, राजेश द्विवेदी, अरविन्द सिंह, विकास, सुशील पाठक, शैलेन्द्र चतुर्वेदी, बद्रीनारायण पाठक, राजीव त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गौभक्त एवं सनातन धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।