किसान सम्मान निधि पर बड़ा अपडेट: गाजीपुर के 52 हजार से अधिक किसानों की किस्त अटकी, 20 मई तक कराएं जरूरी अपडेट

गाजीपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के हजारों किसानों की अगली किस्त विभिन्न अभिलेखीय खामियों के कारण रोक दी गई है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनपद के करीब 52,170 कृषक परिवारों की सूचनाएं भारत सरकार के पोर्टल पर अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण पाई गई हैं, जिसके चलते उन्हें मिलने वाली वार्षिक 6 हजार रुपये की सहायता राशि फिलहाल बाधित हो गई है।read more:https://worldtrustednews.in/devotees-were-moved-by-the-tale-of-gokul-utsav-the-sankat-haran-hanuman-temple-complex-was-immersed-in-devotion/
कृषि विभाग ने बताया कि यह सहायता राशि किसानों के आधार लिंक बैंक खातों में तीन समान किस्तों में सीधे भेजी जाती है, लेकिन रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने के कारण भुगतान रुक गया है।विभागीय आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 38,422 किसानों ने विरासत में मिली जमीन के पूर्व भू-धारक का सही विवरण पंजीकरण के समय दर्ज नहीं किया। वहीं 7,321 मामलों में एक ही भूमि पर पूर्व और वर्तमान दोनों भू-स्वामियों का नाम दर्ज पाया गया है। इसके अलावा 6,427 किसान ऐसे पाए गए हैं, जिन्हें एक फरवरी 2019 के बाद विरासत के अलावा अन्य माध्यमों से जमीन प्राप्त हुई, जिससे वे योजना की पात्रता शर्तों पर खरे नहीं उतर रहे हैं।उप कृषि निदेशक गाजीपुर ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट कराएं। किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर अथवा स्वयं ऑनलाइन माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर सकते हैं। इसके बाद आधिकारिक पोर्टल पर “Update Missing Information” विकल्प के जरिए आवश्यक विवरण अपडेट करना होगा।सत्यापन के लिए किसानों को तहसील कार्यालय में पति-पत्नी के आधार कार्ड की छायाप्रति, वर्तमान खतौनी की प्रमाणित प्रति तथा यदि जमीन विरासत में मिली है तो मृतक के आधार कार्ड एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति जमा करनी होगी।कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 मई 2026 तक सभी जरूरी सूचनाएं और दस्तावेज अपडेट करना अनिवार्य है। निर्धारित समय सीमा के बाद लंबित प्रकरणों को केंद्र सरकार द्वारा पोर्टल से हटाया जा सकता है, जिससे भविष्य में योजना का लाभ मिलना मुश्किल हो जाएगा।अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि विभाग के कर्मचारियों, विकासखंड स्तरीय राजकीय कृषि बीज भंडार अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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