नई दिल्ली। मई महीने की शुरुआत के साथ ही देश के बड़े हिस्से में मौसम के मिजाज में व्यापक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, जिसमें मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि इस बदलाव से तपती गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन आंधी, बिजली गिरने और भारी वर्षा के कारण सुरक्षा का खतरा भी बना रहेगा। राजधानी दिल्ली सहित हरियाणा और चंडीगढ़ में 1 से 6 मई के बीच मौसम का असर दिखेगा। इस दौरान इन क्षेत्रों में 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी 6 मई तक मौसम अस्थिर रहने वाला है। राजस्थान, विशेषकर पूर्वी हिस्सों में धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 5 मई तक मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहेगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात और सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है। पूर्वी भारत में मौसम का सबसे आक्रामक रूप देखने को मिल सकता है। बिहार और झारखंड में अगले एक सप्ताह तक आंधी-तूफान का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है। बिहार में 2 मई से 70 किमी/घंटा की रफ्तार वाला भीषण तूफान और भारी बारिश आने की आशंका है, जिसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही ओडिशा के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना जताई गई है। पूर्वोत्तर राज्यों—असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में स्थिति चिंताजनक हो सकती है। अगले चार दिनों तक यहां मूसलाधार बारिश का अनुमान है। विशेष रूप से असम और मेघालय में 2 और 3 मई को अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मध्य भारत के राज्यों, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश में 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, वहीं छत्तीसगढ़ में 4 मई को 70 किमी/घंटा की रफ्तार वाले तूफान की चेतावनी दी गई है, जो काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है।