तहसील परिसर कायमगंज में मंगलवार को भारतीय किसान मजदूर यूनियन (अराजनीतिक) की एक महत्वपूर्ण पंचायत आयोजित हुई, जिसमें क्षेत्र भर से पहुंचे किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया। पंचायत की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष बाबूराम पाल ने की, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत ने किया।
पंचायत के दौरान किसानों ने एकजुट होकर तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार, लापरवाही और जनसमस्याओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए। इसके पश्चात प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी कायमगंज को सौंपा गया।read more:https://pahaltoday.com/leaders-demand-direct-talks-with-home-minister-to-grant-statehood-to-ladakh/
*लेखपालों पर उत्पीड़न और गड़बड़ी के आरोप*
किसानों ने आरोप लगाया कि अंश निर्धारण में लेखपाल लगातार त्रुटियां कर रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान और मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर किसानों ने दोषी लेखपालों के निलंबन की मांग की। *प्राकृतिक आपदा से बर्बाद फसलें, कर्ज माफी की मांग*
बाढ़ और ओलावृष्टि से तबाह फसलों को लेकर किसानों ने सरकार से राहत की गुहार लगाई। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में ऋण चुकाना संभव नहीं है, इसलिए तत्काल कर्ज माफी लागू की जाए। *सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त, नहरें सूखी*किसानों ने सिंचाई व्यवस्था की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नहरों में पानी न पहुंचने से फसलें सूखने की कगार पर हैं। उन्होंने टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की। *बिजली कटौती से किसान परेशान* ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर शाम के समय हो रही बिजली कटौती पर किसानों ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने 300 यूनिट मुफ्त बिजली या पूर्णतः घरेलू बिजली मुफ्त करने के साथ कायमगंज, लुधैया और हजियापुर फीडरों पर कटौती बंद करने की मांग की। *स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई, डॉक्टरों की कमी* कायमगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से सर्जन और नेत्र चिकित्सक की तैनाती न होने पर किसानों ने चिंता जताई। उन्होंने इसे जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया। *निजी स्कूलों पर लूट का आरोप*
पंचायत में निजी स्कूलों द्वारा महंगी किताबें और सामग्री बेचने का मुद्दा भी उठा। किसानों ने सरकार से मांग की कि किताबों के दाम नियंत्रित किए जाएं।
जनसुनवाई पोर्टल बना औपचारिकता ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जनसुनवाई पोर्टल केवल खानापूर्ति बनकर रह गया है और सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारियां भी दबाई जा रही हैं। किसानों ने तहसील प्रशासन पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। *अतिक्रमण से बढ़ रहे हादसे*
शमसाबाद-ढाई घाट पुल के दोनों ओर अतिक्रमण को दुर्घटनाओं की वजह बताते हुए किसानों ने तत्काल हटाने की मांग की। *दिल्ली कूच की तैयारी*
पंचायत में 1 मई 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में प्रस्तावित किसान पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया।
ज्ञापन सौंपने वालों में हुकुम सिंह यादव, राम बहादुर राजपूत, जय देव सिंह शाक्य, डॉ. प्रेमचंद्र सक्सेना, सत्यपाल सिंह और नरेश चंद्र प्रमुख रूप से शामिल रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।