फीते का रंग तिरंगे की तरह देख उमर अब्दुल्ला ने काटने से किया इनकार

जम्मू। जम्मू-कश्मीर मे सीएम उमर अब्दुल्ला का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति दिखाया गया सम्मान पूरे देश को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दे रहा है। श्रीनगर में घटी घटना ने यह साफ कर दिया है कि तिरंगा के प्रति सम्मान किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर होता है और यही भावना देश की एकता को मजबूत करती है। बता दें बुधवार को जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला श्रीनगर के कश्मीर हाट में हस्तशिल्प विभाग के एक कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम अपने कारीगरों को जानो नाम से आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और उनकी कला को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में जब उद्घाटन के लिए उनके सामने फीता लाया गया, तो उन्होंने देखा कि उस फीते के रंग तिरंगे जैसे थे।यह देखते ही उन्होंने तुरंत उसे काटने से इनकार कर दिया और कहा कि इसे नहीं काटा जा सकता। सीएमए ने अपने डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी की ओर देखते हुए भी यही बात दोहराई, जिस पर सुरिंदर चौधरी ने भी सहमति जताई। इसके बाद दोनों नेताओं ने फीते को काटने की बजाय उसे सावधानीपूर्वक खोलने का सुझाव दिया।read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-was-a-leading-leader-in-the-countrys-politics-rajnath/ उन्होंने फीते को आयोजकों को वापस सौंपते हुए कहा कि इसे सम्मानपूर्वक रखा जाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद उमर अब्दुल्ला की देश भर में जमकर तारीफ हो रही है। इस घटना पर बीजेपी ने भी उमर अब्दुल्ला के इस कदम की जमकर तारीफ की। जम्मू-कश्मीर बीजेपी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि उद्घाटन के लिए राष्ट्रीय ध्वज जैसे रंगों वाले फीते का इस्तेमाल करना गंभीर लापरवाही और समझ की कमी को दर्शाता है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों ने इस प्रकार की व्यवस्था की, उनकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं। उधर, सोशल मीडिया पर भी उमर अब्दुल्ला की इस संवेदनशीलता की व्यापक सराहना हो रही है। लोग इसे एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं और मान रहे हैं कि यह घटना यह दर्शाती है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान सभी के लिए सर्वोपरि होना चाहिए। उमर अब्दुल्ला का यह कदम देश के युवाओं और समाज के सभी वर्गों के लिए एक प्रेरणा है कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की गरिमा और एकता का प्रतीक है।

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