बेहट (सहारनपुर)। बेहट के विधायक उमर अली खान ने सरकारी कार्यक्रम में आमंत्रित न किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की जनता की अनदेखी बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि उन लोगों का अपमान है जिन्होंने उन्हें जनप्रतिनिधि चुना है।विधायक उमर अली खान ने कहा कि “मुझे सरकारी कार्यक्रम में न बुलाने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन इससे क्षेत्र की जनता को नजरअंदाज किया गया है। हमारे क्षेत्र के लोगों ने विकास कार्यों के लिए जमीन दी है और वही लोग हमें चुनकर विधानसभा भेजते हैं, लेकिन सरकार उनकी भूमिका को नजरअंदाज कर रही है।”उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार के निमंत्रण से अधिक जनता का विश्वास और प्रेम महत्वपूर्ण है। “हमें किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं है, हमें जनता का प्यार चाहिए। हम ईश्वर और अल्लाह से यही दुआ करते हैं कि क्षेत्र में मजबूत और टिकाऊ सड़क का निर्माण हो,” उन्होंने कहा।विधायक ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बेहद जरूरी है। “जैसे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे उद्घाटन के बाद क्षतिग्रस्त हुआ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे में भी खामियां सामने आईं, वैसा घटिया काम यहां नहीं होना चाहिए,” उन्होंने कहा।उमर अली खान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र की जनता के साथ किसी प्रकार का अन्याय हुआ, तो वे आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। “हमें बुलाया जाए या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन विकास कार्य ईमानदारी से होने चाहिए। अगर हमारे लोगों के साथ धोखा हुआ, तो हम संघर्ष करेंगे और किसी भी तरह की कमीशनखोरी को बर्दाश्त नहीं करेंगे,” उन्होंने कहा।
विधायक के इस बयान के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।