श्री अरविंद महाविद्यालय का 54वाँ वार्षिकोत्सव का आयोजन

नई दिल्ली,। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री अरविंद महाविद्यालय का 54वाँ वार्षिकोत्सव आज एन सी यू आई ऑडिटोरियम में बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, विद्यार्थियों तथा अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति विवेक चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रो अभिषेक टंडन सम्मानित अतिथि तथा प्रो समीर आनंद ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।read more:https://pahaltoday.com/now-90-percent-indigenous-material-will-be-used-in-the-hi-tech-armored-platform/
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उस पर केंद्रित रहने का संदेश दिया। उन्होंने सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र साझा करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयास ही जीवन में उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
विशिष्ट अतिथि प्रो समीर आनंद ने महाविद्यालय परिवार को वार्षिक प्रगति के लिए बधाई देते हुए विभिन्न समितियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की। वहीं सम्मानित अतिथि प्रो अभिषेक टंडन ने अपने संबोधन में जीवन में खुशी के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो अरुण चौधरी ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने महाविद्यालय के शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हुए उल्लेखनीय विकास की जानकारी दी। इस अवसर पर सेवा-निवृत्त प्राध्यापकों, वरिष्ठ शिक्षकों तथा कर्मचारियों को उनकी समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। महाविद्यालय के विभिन्न विषयों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियोंको सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, डॉ. अंबेडकर एवं श्री अरविंद छात्रवृत्ति के अंतर्गत साठ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया गया। समापन अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंगारंग माहौल उत्पन्न किया और उपस्थित जनसमूह ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। यह वार्षिकोत्सव न केवल महाविद्यालय की उपलब्धियों का उत्सव बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी सिद्ध हुआ।

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