1 नवंबर 2025 से प्रारंभ पर्यटन सत्र का 30 जून 2026 को समापन

लखनऊ, । उत्तर प्रदेस के टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर 2025 से जारी पर्यटन सत्र मंगलवार 30 जून को संपन्न हो गया। 8 महीने तक चले इस पर्यटन सत्र के दौरान दुधवा व पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बड़ी संख्या में भारतीय/विदेशी पर्यटकों ने वन्यजीवों का दीदार किया। इस दौरान पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 56,567 भारतीय व 216 विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। दुधवा टाइगर रिजर्व में भारतीय पर्यटकों की संख्या 75615 रही, जबकि यहां 796 विदेशी पर्यटक भी आए। वन्य जीवों ने पर्यटन सत्र को बनाया रोमांचक पीलीभीत/दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों ने पर्यटन सत्र को खास बना दिया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि इस पर्यटन सत्र में पर्यटकों को टाइगर, बारहसिंहा, भालू आदि दिखाई दिए। सीज़न का मुख्य आकर्षण शावकों का दिखना भी रहा। इस सीज़न के दौरान 4 अलग-अलग मादाओं के 10 शावक देखे गए। इसे देखकर पर्यटक भी काफी रोमांचित हुए।read more:https://pahaltoday.com/district-supply-officer-inspected-the-farmer-registry-camp/‘दिव्य दर्शन’ के तहत दिव्यांगों ने किया भ्रमण इस पर्यटन सत्र के दौरान पीलीभीत टाइगर रिजर्व में दिव्य दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत दिव्यांग बच्चों व उनके अभिभावकों को सफारी गाड़ियों में पर्यटन स्थल का भ्रमण कराया गया। 110 टूरिस्ट गाइड्स की देखरेख में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों व पर्यटकों को भी वन्यक्षेत्र में भ्रमण कराया गया। दुधवा टाइगर रिजर्व बना सर्वाधिक पसंद दुधवा टाइगर रिजर्व के उप निदेशक जगदीश आर ने कहा कि दुधवा टाइगर रिजर्व में बड़ी संख्या में पर्यटक आए। इससे राजस्व में भी काफी वृद्धि हुई। वन भ्रमण के दौरान पर्यटकों को निरंतर वन्यजीव दिखाई दिए। पर्यटकों की संख्या में इस बार 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पहले पर्यटक राइनो (गैंडे) का दीदार करने पर्यटक असम या पश्चिम बंगाल जाते थे, लेकिन इस बार दुधवा टाइगर रिजर्व में भी पर्यटकों को राइनो नजर आए। यहां स्वतंत्र रूप से 8 राइनो विचरण कर रहे हैं।

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