सोनभद्र। घोरावल ब्लॉक के बुद्ध प्रेरणा महिला संकुल संघ क्लस्टर शाहगंज की सीएलएफ पदाधिकारी महिलाओं ने मंगलवार को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर बीएमएम प्रदीप और बीके पूजा पर घूसखोरी, उत्पीड़न और मानदेय में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाई। महिलाओं ने दोनों अधिकारियों को तत्काल हटाने और ट्रांसफर किए जाने की मांग की हैं।read more:https://pahaltoday.com/abhinandan-2026-became-a-historic-platform-for-education-and-talent-recognition-garnering-widespread-attention/महिलाओं द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि पांच वर्ष के ड्राई राशन भाड़ा एवं 11 माह के मानदेय भुगतान में भारी अनियमितता की गई। आरोप है कि बीएमएम प्रदीप और बीके पूजा ने डीसी के नाम पर श्वेता से 50 हजार रुपए, श्यामा से 12 हजार रुपए तथा अन्य समूह सखियों से 5-5 हजार रुपए घूस के रूप में लिए। महिलाओं का कहना है कि सोनी के खाते में 1 लाख 92 हजार रुपए भाड़ा आया था, लेकिन उसे मात्र 40 हजार रुपए ही दिए गए, जबकि शेष 1 लाख 52 हजार रुपए का कोई हिसाब नहीं दिया गया। समूह सखियों ने आरोप लगाया कि बीके पूजा गरीब महिलाओं की मजदूरी में से भी घूस लेती हैं और विरोध करने पर पद से हटाने की धमकी देती हैं। महिलाओं का कहना है कि उनसे बिना राशि लिखे जबरन हस्ताक्षर करवाए जाते हैं। हस्ताक्षर से मना करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर प्रताड़ित किया जाता है। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि पांच वर्षों से कार्यरत श्यामा दीदी को मानदेय मिलने के बाद अनपढ़ बताकर पद से हटा दिया गया। महिलाओं ने कहा कि वे कई बार जिला प्रशासन को शिकायत पत्र दे चुकी हैं। सीडीओ, एडीओ और बीडीओ को भी मामले से अवगत कराया गया था। डीसी द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बावजूद दो माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई या जांच नहीं की गई। महिलाओं ने सवाल उठाया कि क्या मेहनत की कमाई पाने के लिए भी घूस और धमकियों का सामना करना पड़ेगा। पीड़ित महिलाओं ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने तथा जांच पूरी होने तक बीएमएम प्रदीप और बीके पूजा का स्थानांतरण किए जाने की मांग की। मौके पर दीपा कुमारी, ईशा, सुनीता, ज्योति, शीखी, ममता, सुनैना, नातेश, मोनिका चैधरी, रीना आदि दर्जनों समूह सखियां मौजूद रहीं।