घटनास्थल पर अपराधी कहीं न कहीं साक्ष्य जरुर छोड़ता है : नवीन अरोरा     

 लखनऊ: पुलिस महानिदेशक उत्तर  उत्तर प्रदेश स्टेट  इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ में “क्राइम सीन मैनेजमेन्ट” कोर्स पूर्ण होने के उपरांत आज समापन किया गया जिसके मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नवीन अरोरा अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं उत्तर प्रदेश थे । जिन्हें यूपीएसआईएफएस के महानिरीक्षक श्री राजीव मल्होत्रा एवं उप महानिरीक्षक श्री हेमराज मीना ने स्मृति चिन्ह  प्रदान कर सम्मानित किया। इस कोर्स में प्रदेश के विभिन्न कमिश्नरेट एवं जनपदो से आरक्षी से लेकर निरीक्षक रैंक के कुल 105 पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभाग किया था | उल्लेखनीय है कि 42 दिवस तक चले इस कोर्स  मे विषय विशेषज्ञों द्वारा क्राइम सीन मैनेजमेन्ट की बारीकियो सहित साइबर एवं फोरेंसिक विषयों का भी गहन अध्ययन कराया गया | इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवीन अरोरा ने सभागार में उपस्थित समस्त प्रशिक्षणार्थियों एवं शैक्षणिक संवर्ग के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश इस प्रशिक्षण को लेकर बेहद गंभीर है इसलिए इस कोर्स को वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़े ही मंथन करने के बाद सरल और ग्राह्य बनाया ताकि आप इसको समझ कर आसानी से कार्य कर सकें|  मुझे उम्मीद है कि आप सभी ने लगन एवं परिश्रम के साथ इस कोर्स को किया है |read more:https://pahaltoday.com/mission-shakti-team-made-women-and-girls-aware-2/  मैं यह भी आशा करता हूं कि जनपदों अपने यूनिट्स में जाकर के अपने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इस विषय पर वर्कशॉप कर के अन्य कर्मियों को भी प्रशिक्षित करेंगें  ताकि क्राइम सीन मैनेजमेंट विषय पर अन्य का भी ज्ञानवर्धन और कार्य क्षमता बढ़ सके | उन्होंने प्रशिक्षण बेहतर ढंग से पूर्ण कराने पर संस्थापक निदेशक डॉ जी के गोस्वामी का आभार भी वयक्त किया |  श्री नवीन अरोरा ने यह भी कहा कि  ये सच है कि घटनास्थल पर अपराधी कहीं न कहीं साक्ष्य जरुर छोड़ता है तो हम साक्ष्य को उठाने में कहाँ चूकते हैं?  साक्ष्य को उठाने में कहाँ गलतियां करते हैं ? जिसके कारण अपराध को सुलझाने में कठिनाई आती है| अगर हम घटनास्थल और साक्ष्य संकलन के बारे में खुद जानकार नहीं बनेगे तो हम घटनास्थल के लिए खुद खतरा बन सकते हैं क्योंकि असावधानी में हम कही अपना ही फिंगर प्रिन्ट, हेयर, पसीना आदि न छोड़ दें, इसका ध्यान अवश्य रखा जाये | उन्होंने कहा कि इसलिए सबसे पहले ये जानना जरुरी है की घटना स्थल पर हमें क्या नहीं करना है ? उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर साक्ष्य उठाने के लिए प्रॉपर ढंग से किट का प्रयोग कर ग्लव्स, मास्क, हेयर कवर आदि प्रयोग अवश्य करें|  श्री अरोरा  ने यह भी कहा कि आप सभी प्रशिक्षण के सम्बन्ध में फीड बैक अवश्य दें ताकि कोर्स को और अधिक बेहतर बनाया जा सके |   इस अवसर पर महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा ने कोर्स पूर्ण करने की बधाई देते हुए कहा कि आप सभी ने इस संस्थान से जो भी ज्ञान हासिल किया है उसका उपयोग अपने जनपदों में अवश्य कीजियेगा तभी इस संस्थान की मेहनत सफल होगी और आप कभी भी इस संस्थान  से सहयोग ले सकते हैं |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *